*बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
कन्याकुमारी से कश्मीर तक *स्वर्वेद संदेश यात्रा* (आत्म जागरण से राष्ट्र जागरण) के दौरान संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज पहुंचे मोतिहारी
कन्याकुमारी से कश्मीर तक *स्वर्वेद संदेश यात्रा* (आत्म जागरण से राष्ट्र जागरण) के तहत यात्रा कर रहे अध्यात्म के महाग्रंथ स्वर्वेद के दिव्य वाणी के कथामृत प्रवर्तक, सदगुरु उतराधिकारी सुपुज्य संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज आज मोतिहारी शहर के महात्मा गाँधी प्रेक्षागृह पहुंचे जहां पहले से मौजूद विहंगम योग से जुड़े शिष्यों ने जोरदार स्वागत किया व सदगुरु भगवान के जयघोष के नारे से पूरे शहर गूंज उठा
वहीं संत प्रवर द्वारा *अ* अंकित ध्वजारोहण के पश्चात मंच पर लगे सदगुरु सदाफलदेव जी महाराज, प्रथम आचार्य श्री धर्मचंद्र देव जी महाराज एवं वर्तमान सद्गुरु आचार्य श्री स्वतंत्र देव जी महाराज के तैलचित्रों के चरणों पर पुष्प अर्पित कर वैदिक मंत्रोचारण द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर अध्यात्मिक कार्यक्रम की शुरुआत की ।
बताते चले की विहंगम योग सन्त-समाज के 103वें वार्षिकोत्सव इस वर्ष समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव के रूप में राष्ट्र सेवा, गौ सेवा, वैदिक गुरुकुल के सम्मान के साथ 25 हजार कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ 14 एवं 15 दिसंबर 2026 को भारतीय संस्कृति की राजधानी वाराणसी के उमरहां में बने विश्व के सबसे बड़े ध्यान केन्द्र *स्वर्वेद महामन्दिर* के प्रांगण में आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश विदेश के लाखों लाख भक्त, शिष्य, पिपासु भाग लेंगे । इस कार्यक्रम को लेकर अध्यात्म के महाग्रंथ *”स्वर्वेद”* के कथामृत प्रवर्तक व सद्गुरु के उतराधिकारी सुपुज्य संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज मोतिहारी के महात्मा गाँधी प्रेक्षागृह में विहंगम योग से जुड़े शिष्यों व पिपासूयों को इस कार्यकर्मों में सम्मिलित होने के लिए निमंत्रण देने पहुंचे, जहां दूर- दूर से आये हजारो भक्त पिपासु पहुंचे थे।
वहीं उन्होंने मानव जीवन में अध्यात्म क्यों जरूरी है एवं सेवा, सत्संग और साधना के बारे में बताते हुए विहंगम योग की ध्यान साधना में डुबकी लगवाई
इस आयोजन के मौके पर विहंगम योग संस्थान के रामचंद्र तिवारी संरक्षक बिहार, ब्रह्म सिंह- महा मंत्री बिहार, सचिदानन्द सहाय- पूर्वोत्तर बिहार,अरविंद सिंह- तिरहुत प्रमंडल मंत्री बिहार के साथ ही दूर दूर आये सभी भक्त पिपासुयों के लिए महा-प्रसाद का भी व्यवस्था किया गया था
रिपोर्ट:!अमरजीत सिंह