बारीपदा, 14/9: कहा जाता है कि बच्चों में भगवान का वास होता है। नन्हे बच्चे जो कुछ देखते और सीखते हैं, उसे आसानी से अपने तरीके से अपनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हैं। इसका एक अनोखा उदाहरण मयूरभंज जिले के बारीपदा शहर के वार्ड नंबर-15 स्थित पूर्णचंद्रपुर सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला है।विद्यालय में प्रत्येक वर्ष गणेश पूजा और सरस्वती पूजा के अवसर पर छात्र-छात्राएं अपने हाथों से देवी-देवताओं की प्रतिमाएं तैयार करते हैं। इस वर्ष बच्चों की रचनात्मकता ने एक अलग ही रूप प्रस्तुत किया है। केवल प्रतिमा निर्माण ही नहीं, बल्कि पूजा स्थल की सजावट से लेकर विभिन्न कलाकृतियों तक में बच्चों ने अपनी प्रतिभा और हुनर का शानदार प्रदर्शन किया है।नन्हे हाथों से तैयार की गई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और बच्चों द्वारा की गई आकर्षक सजावट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। सीमित संसाधनों के बीच बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का उपयोग करते हुए जिस तरह से प्रतिमाओं और पूजा स्थल को सजाया है, वह उन्हें दूसरों से अलग पहचान दिला रहा है।विशेष रूप से विद्यालय के छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं ने प्रतिमा निर्माण और पूजा स्थल की सजावट में अपना पूरा समय और मेहनत लगाई। पढ़ाई के साथ-साथ अपनी कला प्रतिभा को विकसित करते हुए इन बच्चों ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया है और अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बने हैं।इस विद्यालय के विद्यार्थी केवल चित्रकला और हस्तकला में ही प्रतिभाशाली नहीं हैं, बल्कि खेलकूद, नृत्य, संगीत सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते आ रहे हैं। विद्यालय के कई छात्र-छात्राएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित कर चुके हैं।बच्चों की इस रचनात्मक प्रतिभा को देखकर अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों में खुशी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को कला, संस्कृति और खेल के क्षेत्र में पर्याप्त अवसर दिए जाएं तो उनकी छिपी हुई प्रतिभा को और अधिक निखारा जा सकता है।नन्हे हाथों से बनाई गई प्रतिमाओं और आकर्षक सजावट के माध्यम से पूर्णचंद्रपुर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने यह साबित कर दिया है कि यदि बच्चों को उचित अवसर और प्रोत्साहन मिले तो उनकी रचनात्मकता अद्भुत परिणाम सामने ला सकती है।विद्यालय के छात्रावास में रहने वाले देवाशीष गिरि, नीतिक कुंड, विश्वनाथ महांत, राहुल बेहरा, देवाशीष कुअंर, गौरांग बेहरा और शिव सिंह सहित अन्य विद्यार्थियों ने प्रतिमा निर्माण एवं सजावट कार्य में प्रमुख भूमिका निभाई और पूरी तैयारी का नेतृत्व किया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, राज्य पत्रकार।