बारीपदा, 14/9: मयूरभंज के सबसे बड़े सिद्धि विनायक मंदिर में मंदिर निर्माण के बाद पहली बार गणेश पूजा धूमधाम और श्रद्धा के साथ आयोजित की गई। गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित इस पूजा में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। बारीपदा समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भक्तों का मंदिर परिसर में पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही जारी रहा। सुबह से ही पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।गणेश पूजा से पहले सिद्धि विनायक मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी और विभिन्न प्रकार की सजावट से मंदिर परिसर जगमगा उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन और पूजा-अर्चना को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में ब्राह्मणों को भी नियोजित किया गया था।जानकारी के अनुसार, तीन दिनों तक पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। यज्ञ के लिए मंदिर परिसर में विशाल यज्ञकुंड की व्यवस्था की गई थी। वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा, हवन और यज्ञ संपन्न कराया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और भगवान श्रीगणेश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।इस पहली भव्य गणेश पूजा के प्रमुख आकर्षणों में ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्णचंद्र महापात्र भी शामिल रहे। मंत्री ने पूजा में कर्ता के रूप में भाग लिया। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर में स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई की। मंत्री को खुद सफाई करते देख वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने इसकी सराहना की। उनके इस कदम के माध्यम से मंदिर की स्वच्छता के साथ-साथ आम लोगों को भी स्वच्छता का संदेश दिया गया।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से भी व्यापक व्यवस्था की गई थी। भक्त कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश कर रहे थे और शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से पूजा-अर्चना कर रहे थे। भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही।पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए अन्नप्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई थी। भगवान गणेश के दर्शन के बाद भक्तों ने अन्नप्रसाद ग्रहण किया और प्रसन्नता के साथ अपने घर लौटे।मंदिर निर्माण के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर गणेश पूजा आयोजित होने के कारण बारीपदा शहरवासियों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। श्रद्धालुओं की भारी भीड़, भक्तिमय वातावरण, वैदिक पूजा-अर्चना, यज्ञ तथा अन्नप्रसाद वितरण ने सिद्धि विनायक मंदिर की पहली भव्य गणेश पूजा को यादगार बना दिया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।