गुणवत्ता से समझौता नहीं, दो सप्ताह में निर्माण पूरा करने के निर्देश
झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में लोक निर्माण विभाग की भवन विंग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन की गुणवत्ता, जल निकासी, सुविधाओं और निर्माण की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पॉलिटेक्निक में करीब 14.06 करोड़ रुपये की लागत से 2,245 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्माणाधीन भवन का कार्य 16 मार्च 2024 से शुरू हुआ है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बरामदे में जल निकासी एवं ढलान की व्यवस्था देखी। उन्होंने बरामदे में बिछाई गई एपेक्स सतह के समुचित समतलीकरण के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
इसके बाद जिलाधिकारी ने भूतल एवं प्रथम तल पर स्थित कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने खिड़कियों एवं दरवाजों में गुणवत्तापूर्ण हैंडल लगाए जाने के निर्देश दिए। प्रथम तल के शौचालयों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने दिव्यांग छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम तल तक पहुंचने के लिए रैंप तथा दिव्यांग छात्राओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी ने भवन को नमी एवं दीमक से सुरक्षित रखने की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि भवन में वाटरप्रूफिंग का कार्य कराया गया है तथा एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट किया गया है। वर्षा जल संचयन के लिए प्रस्तावित दो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का कार्य अभी पूरा नहीं होने पर जिलाधिकारी ने इसे शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
भवन के चारों ओर कराए जा रहे सीसी कार्य का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने सीसी के किनारों पर इंटरलॉकिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन का प्रवेश द्वार उसकी पहचान होता है, इसलिए मुख्य द्वार को आकर्षक, सुंदर और छात्राओं के अनुकूल बनाया जाए। प्रवेश द्वार पर पेंटिंग आदि के माध्यम से इसे और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
निर्माण कार्य की प्रगति के संबंध में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दीपांकर चौधरी ने बताया कि परियोजना को 2 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना था और अब लगभग 10 से 15 दिनों में शेष निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने बारिश की संभावना को देखते हुए भवन के आंतरिक हिस्से का कार्य प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि मौसम के कारण निर्माण कार्य प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया। साथ ही फर्नीचर की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक, प्राविधिक शिक्षा संदीप कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दीपांकर चौधरी तथा वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य प्रदीप सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।