खबर बांसवाड़ा से है, जहां एक बार फिर ईमानदारी और इंसानियत की मिसाल देखने को मिली है।
बांसवाड़ा के अखबार हॉकर मोहम्मद इब्राहिम, निवासी नई आबादी, पिछले करीब 45 वर्षों से अखबार वितरण का काम कर रहे हैं।
बताया गया है कि 17 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे, जब मोहम्मद इब्राहिम रोज की तरह अखबार बांटने निकले थे, तभी गौशाला रोड से मदारेश्वर रोड पर, गौशाला के पास उन्हें एक मोबाइल फोन पड़ा हुआ मिला।
इब्राहिम ने मोबाइल को अपने पास सुरक्षित रख लिया। इसके बाद मोबाइल के मालिक सोहेल मंसूरी, निवासी मदारेश्वर गली नंबर 5, बांसवाड़ा, ने उनसे संपर्क किया।
मोबाइल की पहचान सुनिश्चित करने के बाद मोहम्मद इब्राहिम ने उसे सही-सलामत उसके मालिक को वापस लौटा दिया।
मोबाइल वापस मिलने पर सोहेल मंसूरी ने मोहम्मद इब्राहिम का आभार जताया।
लेकिन खास बात यह है कि मोहम्मद इब्राहिम के लिए यह पहली बार नहीं है, जब उन्होंने किसी की खोई हुई चीज लौटाई हो।
मार्च 2026 में भी उनकी ईमानदारी की खबर सामने आई थी। उस वक्त उन्हें 10 हजार रुपये से भरा एक पर्स मिला था। पर्स में नकदी के साथ एटीएम कार्ड और जरूरी दस्तावेज भी मौजूद थे।
मोहम्मद इब्राहिम ने उस पर्स को भी अपने पास रखने के बजाय उसके असली मालिक केतन दोषी तक पहुंचाया और पर्स वापस कर दिया था।
यानी कुछ महीनों के अंतराल में दो अलग-अलग मौकों पर मिली कीमती चीजें उनके असली मालिकों तक पहुंचीं।
पहले 10 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेजों से भरा पर्स, और अब मोबाइल फोन।
मोहम्मद इब्राहिम का यह कदम बताता है कि ईमानदारी केवल कहने की बात नहीं, बल्कि उसे अपने व्यवहार में उतारने की जरूरत है।
आज के दौर में जब किसी की खोई हुई चीज वापस मिलना अपने आप में राहत की बात होती है, ऐसे में उसे उसके मालिक तक पहुंचाना निश्चित तौर पर समाज के लिए एक सकारात्मक मिसाल है।
मोहम्मद इब्राहिम की इस ईमानदारी की लोग सराहना कर रहे हैं।