बड़साही, 19/9: मयूरभंज जिले के बड़साही ब्लॉक से होकर बहने वाली बूढ़ाबलंग नदी पर निर्मित विभिन्न पुलों को रोशन करने के उद्देश्य से सोलर लाइट लगाई गई हैं। रात के समय पुलों से आवागमन करने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाए गए इस कदम का आम लोगों ने स्वागत किया था।हालांकि, लाइट लगाए जाने के महज 8 दिनों के भीतर ही कुछ सोलर लाइट खराब हो जाने का आरोप सामने आया है। विशेष रूप से कुलिअणा (बी) और बरतना पुल पर ऐसी स्थिति देखे जाने की बात कही गई है। नई लाइटें इतनी कम अवधि में खराब होने से स्थानीय लोगों ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।दूसरी ओर, इन सोलर लाइटों के कार्य के लिए कितनी राशि का अनुमान तैयार किया गया था, किस योजना या अनुदान से राशि खर्च की गई तथा कार्य किस संस्था या ठेकेदार के माध्यम से कराया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने की शिकायत की गई है। कार्यस्थल पर सूचना पट्ट नहीं होने के कारण भी लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।यदि यह कार्य विधायक निधि अथवा किसी अन्य सरकारी अनुदान से कराया गया है, तो इसकी व्यय विवरणी, कार्यादेश और गुणवत्ता से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। साथ ही, यदि घटिया सामग्री के इस्तेमाल या कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा खराब पड़ी सोलर लाइटों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग स्थानीय लोगों ने की है।लोगों का कहना है कि सरकारी राशि से निर्मित ऐसे जनहितकारी प्रोजेक्ट का इतनी कम अवधि में खराब होना गंभीर विषय है। संबंधित विभाग को मामले की गुणवत्ता जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए, ताकि सरकारी धन के उपयोग और कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रह्राज।