शाजापुर/गुलाना।
ग्राम कालीसिंध में संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर जी की क्षतिग्रस्त प्रतिमा को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में चिंता बनी हुई है। इसी मामले को लेकर सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने गुलाना एसडीएम नेहा गंगारे से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को बताया कि ग्राम कालीसिंध में स्थापित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी की प्रतिमा पुरानी होने के साथ ही हाल ही में क्षतिग्रस्त हो गई है। प्रतिमा क्षेत्र के नागरिकों के लिए संविधान, समानता, न्याय और सामाजिक सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा शीघ्र एवं सम्मानपूर्वक स्थापित किया जाना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि नई प्रतिमा विधिवत रूप से स्थापित करवाने के साथ प्रतिमा स्थल की सुरक्षा एवं संरक्षण की भी उचित व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में प्रतिमा को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
कलेक्टर से चर्चा कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन
मामले को गंभीरता से सुनने के बाद एसडीएम नेहा गंगारे ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में कलेक्टर शाजापुर से चर्चा करेंगी तथा दो दिन के भीतर कालीसिंध में नई प्रतिमा विधिवत स्थापित करवाने की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम के इस आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि निर्धारित समयावधि में नई प्रतिमा स्थापित कर दी जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
एसडीएम से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में ग्राम पंचायत पाडली-कालीसिंध के सरपंच प्रतिनिधि गोपाल सिंह सोलंकी, जन संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के राजा शब्बीर हुसैन, अविनाश सिंह, सद्दाम बाबा, मनोहर सिंह कटारिया, पवन कदम, शोहराब खान, राहुल चौरड़िया सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी का सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उनकी प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित करवाने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई का सभी स्वागत करते हैं।
अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है और उम्मीद है कि एसडीएम द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार दो दिन के भीतर कालीसिंध में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी की नई प्रतिमा विधिवत स्थापित कर दी जाएगी।