झांसी। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर 27 सितंबर को पर्यटन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन परियोजना के अंतर्गत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए ग्रामीण पर्यटन आधारित क्यूरेटेड टूर का आयोजन किया गया। पर्यटन विभाग एवं उसकी संस्था आदर्श सेवा समिति के सहयोग से आयोजित भ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड एवं नगर मजिस्ट्रेट ने हरी झंडी दिखाकर किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को पर्यटन ग्राम पठाकरका और रानीपुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं ग्रामीण जीवन से परिचित कराया गया। पठाकरका में विद्यार्थियों ने चंदेलकालीन गौरहा के मठ का भ्रमण किया तथा क्षेत्र में की जा रही तुलसी की खेती का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें ग्रामीण कृषि, स्थानीय संसाधनों और उनसे जुड़ी आजीविका की संभावनाओं की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में रानीपुर के देवरीसिंहपुर में विद्यार्थियों ने स्थानीय भजन एवं लोक-संगीत की सांस्कृतिक प्रस्तुति का अनुभव लिया। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को ग्रामीण पर्यटन से जोड़ने के साथ स्थानीय परंपराओं, संस्कृति और जीवनशैली से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाना, ग्रामीण संस्कृति और विरासत को पर्यटकों से जोड़ना तथा स्थानीय समुदाय की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डीके शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस भ्रमण कार्यक्रम को विद्यार्थियों ने सराहा और ग्रामीण पर्यटन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।