झांसी। मंडलायुक्त श्री बिमल कुमार दुबे की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने अथवा चालान होने वाले वाहनों के परमिट निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सड़कों पर वाहनों की पार्किंग को रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे यातायात बाधित होता है और आवागमन प्रभावित होता है।
उन्होंने शहर के विभिन्न चौराहों के आसपास टेम्पो और ई-रिक्शा को चौराहों से कम से कम 100 मीटर दूर खड़ा कराने के निर्देश दिए। अनधिकृत अथवा अतिरिक्त लाइट लगाने वाले वाहनों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।
नगर निगम अधिकारियों को सड़कों पर यातायात में व्यवधान उत्पन्न करने वाले रेहड़ी-खोखे आदि को हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं, एसपी ग्रामीण को शहर में माल उतारने वाले भारी वाहनों को रात्रि 11 बजे के बाद ही प्रवेश की अनुमति देने के निर्देश दिए गए।
बस अड्डे के बाहर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों द्वारा सड़क पर खड़े होकर सवारियां बैठाने से मार्ग अवरुद्ध होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और परिवहन निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मरीजों और आम जनता की सुविधा को देखते हुए मेडिकल रोड पर एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाकर चालान की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मिले उपचार
राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के लिए मंडलायुक्त ने सीएचसी मोंठ और चिरगांव में जीवन रक्षक दवाओं तथा आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों के तत्काल उपचार के लिए आवश्यक सुविधाओं से युक्त एक अलग कक्ष तैयार करने को कहा।
उन्होंने टोल प्लाजा, ब्लैक स्पॉट और टी-जंक्शन पर बार कोड युक्त सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इन बोर्डों पर निकटवर्ती चिकित्सालयों की मैपिंग उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि दुर्घटना की स्थिति में वाहन चालक तत्काल नजदीकी अस्पताल की जानकारी प्राप्त कर सकें।
स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित हो
मंडलायुक्त ने स्कूली वाहनों के संबंध में परिवहन एवं शिक्षा विभाग को प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्कूली वाहन का परिवहन विभाग द्वारा बनाए गए पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और अभियान का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाए।
उन्होंने सभी नोडल विभागों को शासन तथा जिला एवं मंडलीय सड़क सुरक्षा समितियों द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
गुड सेमेरिटन योजना के प्रचार पर जोर
मंडल के झांसी, ललितपुर और जालौन जनपदों में गुड सेमेरिटन (नेक इंसान) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, थाने, तहसील कार्यालयों और प्रमुख चौराहों पर योजना की जानकारी पहुंचाने को कहा गया, जिससे दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति की मदद करने वाले लोगों को योजना का लाभ मिल सके।
बैठक में एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार, अपर नगर आयुक्त राहुल यादव, आरटीओ प्रवर्तन राजेश कुमार वर्मा, आरटीओ प्रशासन एके त्रिवेदी, एआरटीओ हेमचंद्र गौतम, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी संजीव कुमार, संयुक्त निदेशक शिक्षा आरके वर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आरके सोनी, एडी बेसिक सहित एनएचएआई, ट्रक एसोसिएशन, गौरी फाउंडेशन, बस ऑपरेटर एसोसिएशन, टेम्पो-टैक्सी एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।