*प्रेस विज्ञप्ति*
*01 अक्टूबर 2026 से लागू होगी Fertilizer Sale Application System (FSAS) ।*
*किसानों को उर्वरक की खरीद में सुविधा उपलब्ध कराने तथा उर्वरक बिक्री एवं वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने का उद्देश्य।*
*उर्वरक की खरीद एवं बिक्री के लिये खुदरा उर्वरक विक्रेताओं एवं किसानों को मोबाईल में डाउनलोड करना होगा Fertilizer Sale System (FSS) ऐप।*
*थोक उर्वरक प्रतिष्ठान के गोदाम में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा औचक छापामारी।*
*मे० किसान सेवा केन्द्र, मानपुर के गोदाम का निरीक्षण*
*जिले में वर्तमान में 4597.155 मे० टन युरिया, 1117.75 मे० टन डी०ए०पी०, 2554.78 मे० टन एन०पी०के०, 2695.11 मे० टन एस०एस०पी० एवं 522.57 मे० टन एम०ओ०पी० उर्वरक उपलब्ध है।*
*पिछले 24 घंटे में 3418 किसानों को 562.81 मे० टन उर्वरक का वितरण। 2706 किसानों ने 468.86 मे० टन युरिया, 545 किसानों 80.65 मे० टन फाॅस्फेटिक एवं 167 किसानों 13.30 मे० टन पोटाष उर्वरक का क्रय किया गया।*जिले में 01 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होने वाली Fertilizer Sale Application System को ध्यान देते हुये किसानों को उर्वरक की खरीद में सुविधा उपलब्ध कराने तथा उर्वरक बिक्री एवं वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने का उद्देश्य एवं जिले के किसानों से यूरिया एवं डीएपी के साथ अन्य उत्पाद की टैगिंग की प्राप्त हो रही षिकायतों को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी, गया द्वारा सहायक निदेषक, सांख्यिकी, सहायक निदेषक (षष्य), प्रक्षेत्र के साथ दिनांक-29.09.2026 को गया जिले के थोक उर्वरक प्रतिष्ठान मे० किसान सेवा केन्द्र, मानपुर के उर्वरक गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उर्वरक गोदाम में संरक्षित उर्वरकों के स्टैकिंग, बैच संख्या, लाॅट संख्या, उर्वरक पोर्टल एम०एफ०एम०एस० में प्रदर्षित मात्रा के अनुसार गोदाम में उपलब्ध उर्वरक का मिलान किया गया।
जिले में लक्ष्य के अनुसार नियमित रुप से उर्वरक की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में जिले में यूरिया सहित अन्य उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
जिले के सभी किसानों से अपील की गई है कि 01 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होने वाली Fertilizer Sale Application System का उपयोग हेतु इस ऐप खुदरा उर्वरक विक्रेता एवं किसान को अपने मोबाईल में डाउनलोड कर उर्वरक के क्रय हेतु इसके इस्तेमाल की जानकारी प्राप्त कर लें ताकि उर्वरक के क्रय मेें किसी प्रकार की असुविधा नही हो।
रिपोर्टर – त्रिलोकी नाथ गयाजी, बिहार