बारीपदा, 30/09: मयूरभंज जिले की मूलभूत समस्याओं के स्थायी समाधान के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और युवाओं के भविष्य को लेकर तत्काल एवं दीर्घकालीन कदम उठाने की मांग को लेकर भंजसेना, बारीपदा ब्लॉक शाखा की ओर से मुख्यमंत्री के नाम बीडीओ के माध्यम से एक मांगपत्र सौंपा गया।भंजसेना द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मयूरभंज जिले में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, स्कूल ड्रॉपआउट कम करने, बाल श्रम एवं बाल विवाह की रोकथाम सहित विभिन्न मांगें उठाई गई हैं।ज्ञापन में बारीपदा स्थित पी.आर.एम. मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को और अधिक सुदृढ़ करने की मांग की गई है। इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं, आधुनिक उपकरण, आधारभूत संरचना तथा आपातकालीन सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया। भंजसेना ने कहा कि जिले के लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे जिलों में जाने के लिए मजबूर न होना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य व्यवस्था में स्थायी सुधार आवश्यक है।इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं उच्च विद्यालय, केजीबीवी, आदर्श विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, आश्रम विद्यालय तथा एसएसडी बालिका विद्यालय तक शिक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं की समस्याओं की समीक्षा कर उनके समाधान की मांग की गई है। उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों और प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरने के साथ आधुनिक प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और छात्रावास जैसी सुविधाओं के विस्तार की मांग भी उठाई गई।भंजसेना ने मयूरभंज में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने, बाल श्रम को समाप्त करने तथा बाल विवाह की रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता अभियान और ठोस कदम उठाने की मांग की। इसके अलावा जिले के युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर बढ़ाने तथा उन्हें रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में प्रवासी श्रमिक के रूप में जाने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर सृजित करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।इस कार्यक्रम में बारीपदा शहर अध्यक्ष संजय माहार्णा के नेतृत्व में गोपाल सिंह, आनंद परिड़ा, पांडु नायक, विश्वनाथ नायक, नरेंद्रनाथ हेम्ब्रम, कुसुनु नायक, विशाल पात्र, गाने मारंडी, सुपाई सोरेन, गोविंद हेम्ब्रम, शंकर मुर्मू, बापुन सिंह सहित बड़ी संख्या में युवा एवं छात्र संगठनकर्ता उपस्थित रहे।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहहराज।