*मुख्यमंत्री का बाड़मेर दौरा—*
*मुख्यमंत्री ने किया 2,824 करोड़ से अधिक के 1,013 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास*
*—राज्य सरकार का संकल्प, अंतिम छोर तक पहुंचे विकास का लाभ*
*—प्रधानमंत्री के ‘नागरिक देवो भव’ के विजन के साथ बढ़ रही डबल इंजन सरकार*
*—पानी, बिजली, उद्योग, रोजगार सहित सभी क्षेत्रों में हुए उल्लेखनीय कार्य- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा*
जयपुर/जोधपुर, 30 सितंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हर नीति और जनकल्याणकारी योजना के केंद्र में ‘नागरिक देवो भव’ का संकल्प है। उनके इसी विजन के साथ राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास का रोडमैप बनाया है जिसके तहत राज्य में पानी, बिजली, उद्योग, रोजगार एवं सड़क सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को बाड़मेर के बाछड़ाऊ में जोधपुर संभाग के बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, पाली, फलोदी और सिरोही जिलों के लिए 2 हजार 824 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के एक हजार से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें से 2 हजार 45 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 763 कार्यों का शिलान्यास व 778 करोड़ रुपये की लागत के 250 विकास कार्यों का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं-
मुख्यमंत्री ने बाड़मेर जिले में कम वर्षा के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए किसानों, पशुपालकों एवं आमजन को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने गर्मी के दौरान संचालित की गई आकस्मिक पेयजल व्यवस्थाएं तथा टैंकरों के माध्यम से जल परिवहन की सुविधा 31 दिसंबर तक निरंतर जारी रखने, कम वर्षा वाले क्षेत्रों में आवश्यक आकस्मिक कार्यों को गति देने के लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से एक करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति और चारे की कमी से प्रभावित बाड़मेर, बालोतरा एवं जैसलमेर सहित क्षेत्रों में चारा डिपो शुरू करने और चारा डिपो के सुचारु संचालन की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। राम जल सेतु लिंक परियोजना को तेजी से मूर्त रूप दिया जा रहा है। करीब 1 लाख करोड़ रुपये की इस परियोजना में अब तक 41 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यमुना जल परियोजना, नर्मदा परियोजना और किशाऊ परियोजना से प्रदेश की बड़ी आबादी को स्थायी पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित होगी। वहीं, राजस्थान अब बिजली खरीदने वाले राज्य से बिजली प्रदाता राज्य की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राज्य में वार्षिक सहायता 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये की गई है। अब तक 76 लाख से अधिक किसानों को 14 हजार 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही, राज्य सरकार ने किसानों को बिजली के बिलों में 61 हजार 583 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। अब तक 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी और 25 हजार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सोलर दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। साथ ही, 57 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों को 928 करोड़ रुपये का ऋण भी उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 3 लाख 82 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। वहीं, 4 लाख 53 हजार आवासों का निर्माण प्रगतिरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है, उसका लोकार्पण भी तय समय पर करती है। इसी क्रम में जोधपुर संभाग में विद्युत क्षेत्र के 405 करोड़ रुपये के 63 कार्य, चिकित्सा क्षेत्र के 197 करोड़ रुपये के 10 कार्य, सड़क से जुड़े 125 करोड़ रुपये के 87 कार्य, 21 करोड़ रुपये की लागत से पाली में राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय भवन और ग्रामीण क्षेत्रों के ढांचागत विकास के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक के 62 कार्य पूर्ण कर जनता को समर्पित किए गए हैं। साथ ही, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, शिक्षा, छात्रावास, सरकारी कार्यालयों, ऑडिटोरियम और बस स्टैंड सहित विभिन्न क्षेत्रों के कार्यों का लोकार्पण भी किया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 958 करोड़ रुपये की लागत के 587 कार्य, ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं फ्लोराइड-मुक्त पेयजल के लिए 739 करोड़ रुपये, सुदृढ़ बिजली आपूर्ति के लिए 208 करोड़ रुपये के 32 कार्य, गांवों के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये के 46 कार्य, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 42 करोड़ रुपये के 29 कार्य तथा स्कूल शिक्षा के लिए 33 करोड़ रुपये के 42 कार्यों के साथ कृषि, पशुपालन, आयुर्वेद और तकनीकी शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कार्यों का भी शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान 1971 के युद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि बाड़मेर के सपूत लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह के अदम्य शौर्य और पराक्रम ने पाकिस्तान की 48 टैंकों की पूरी रेजिमेंट को ध्वस्त कर उनके हौसले पस्त कर दिए थे। समारोह में उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, किसान आयोग के अध्यक्ष सी आर चैधरी, विधायक आदू राम मेघवाल, प्रियंका चैधरी, छोटू सिंह, प्रताप पुरी, हमीर सिंह भायल, अरूण चैधरी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री कैलाश चैधरी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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