6-7 घंटे चली दिशा समिति की मैराथन बैठक, सांसद भोजराज नाग ने कहा- अंतिम छोर तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
बालोद, 30 सितंबर 2026। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद एवं समिति अध्यक्ष श्री भोजराज नाग ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में करीब छह से सात घंटे चली बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कुल 37 विषयों पर विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद श्री नाग ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं से संबंधित जानकारी स्पष्ट, पूर्ण और पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने दिशा समिति की बैठक से कम से कम तीन-चार दिन अथवा एक सप्ताह पहले संबंधित जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि जनप्रतिनिधि योजनाओं की प्रभावी समीक्षा कर सकें।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। जिला खनिज न्यास निधि सहित विभिन्न विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और आपसी समन्वय से कार्य करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
ग्रामीण विकास से लेकर कृषि योजनाओं तक हुई समीक्षा
बैठक में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रगति की समीक्षा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने तथा अपूर्ण आवासों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम-किसान, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ी प्रगति की जानकारी ली गई। किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।
हर घर तक पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। जल संरक्षण के लिए ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जन-भागीदारी’ अभियान को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 की प्रगति पर चर्चा हुई। कुपोषण उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंदों को सामाजिक सहायता योजनाओं का समय पर लाभ दिलाने पर भी विशेष ध्यान देने कहा गया।
सड़क, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं की भी समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी की समीक्षा की गई। समग्र शिक्षा और पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों की स्थिति तथा विद्यार्थियों को दिए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता पर जानकारी ली गई। डिजिटल इंडिया और भारतनेट के माध्यम से ग्राम पंचायतों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
दिशा समिति की बैठकें निर्धारित नियमों के अनुसार प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि योजनाओं की निरंतर निगरानी और समीक्षा हो सके।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जनपद अध्यक्षगण, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित जनप्रतिनिधि, समिति सदस्य और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर सांसद श्री भोजराज नाग ने अधिकारियों से जनहित के कार्यों को सेवा भाव और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ गति देने का आह्वान किया।
