‘साथ मिलकर होंगे मजबूत’, 2030 तक रेबीज उन्मूलन का लक्ष्य; टीकाकरण और जागरूकता पर जोर
बालोद, छत्तीसगढ़, 27 सितंबर 2026: विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर 28 सितंबर को देशभर में रेबीज जैसी घातक बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वर्ष 2026 की थीम ‘स्ट्रांग टूगेदर’ (साथ मिलकर मजबूत) रखी गई है, जिसमें रेबीज की रोकथाम के लिए नागरिकों, पशु चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्थानीय निकायों और पशु कल्याण संगठनों की सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया गया है।
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मुथुकुमारसामी बी. ने इस अवसर पर लोगों से रेबीज की रोकथाम के लिए जागरूकता और टीकाकरण अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
भारत सरकार ने ‘नेशनल एक्शन प्लान फॉर डॉग-मीडिएटेड रेबीज एलिमिनेशन’ के तहत वर्ष 2030 तक कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए व्यापक कुत्ता टीकाकरण, पशु जन्म नियंत्रण, पालतू पशुओं और मवेशियों का टीकाकरण, जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण तथा युवाओं और समुदाय की भागीदारी जैसी गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है।
अभियान के तहत आवारा और पालतू कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाने, कुत्तों की नसबंदी एवं जनसंख्या प्रबंधन, स्कूलों-कॉलेजों और अस्पतालों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा पशु चिकित्सकों, पैरा-वेट्स और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने की पहल की जा रही है। लोगों को किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।
भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड ने राज्य पशु कल्याण बोर्डों, जिला पशुपालन विभागों, नगर निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों से 28 सितंबर को आयोजित टीकाकरण एवं जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। बोर्ड ने कार्यक्रमों की तस्वीरें, वीडियो और संक्षिप्त रिपोर्ट साझा करने का भी आग्रह किया है, ताकि इन गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके।
