बाल विवाह के पूर्ण उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर
बारीपदा, 3 अक्टूबर:मयूरभंज जिले में बाल विवाह की रोकथाम एवं इसके पूर्ण उन्मूलन के उद्देश्य से विभिन्न विभागों एवं संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय को और मजबूत करने के लिए जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक जिला कलेक्टर कार्यालय स्थित सम्मेलन कक्ष में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर दुःखबंधु नायक ने की।बैठक में बाल विवाह की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने, बालिकाओं की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने, किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण तथा बाल विवाह निषेध कानून को सख्ती से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में इस अभियान में आम लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। संभावित बाल विवाह की घटनाओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक हस्तक्षेप करने तथा बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम एक सामूहिक एवं समन्वित जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, स्थानीय संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम जनता की सहभागिता को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी संजुक्ता महाराणा, महिला विरोधी अपराध जांच इकाई के डीएसपी जयंत कुमार बेहरा, जिला श्रम अधिकारी निरंजन नायक, अतिरिक्त जिला कल्याण अधिकारी अजय कुमार जेना, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार सिंह, जिला बाल संरक्षण अधिकारी ममतामयी बिश्वाल, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष भास्वती बारिक तथा जिला सुरक्षा अधिकारी सस्मिता महांती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।इसके अलावा जिले के सभी अनुमंडल स्तरीय कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई के काउंसलर, विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, वन स्टॉप सेंटर की सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर, डीसी पोषण तथा जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र के कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।बैठक में मयूरभंज जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को और मजबूत करने तथा बच्चों की सुरक्षा, अधिकार और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के समन्वित प्रयासों को निरंतर जारी रखने पर विशेष जोर दिया गया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।