मुंडारी भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए जनआंदोलन का आह्वान
रायरंगपुर, 8 अक्टूबर: ओडिशा मुंडा स्टूडेंट्स एसोसिएशन (OMSA) और भारत मुंडा समाज की ओर से आगामी सामान्य सभा एवं मिलन समारोह के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मयूरभंज जिले के रायरंगपुर के गढ़ठार स्थित दिगंबर सिंह के आवास पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व बीईओ नेपाल मुंडा ने की।
बैठक में “शिक्षा हमारा अधिकार, एकता हमारी ताकत” और “शिक्षित मुंडा, सशक्त मुंडा समाज” जैसे नारों को आधार बनाकर मुंडा समाज के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं की शिक्षा, भविष्य निर्माण तथा विभिन्न सामाजिक समस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान मुंडारी भाषा के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और उसे संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए दीर्घकालीन कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में मुंडारी भाषा की संवैधानिक मान्यता के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में सबसे पहले मुंडारी भाषा की लिपि ‘मुंडारी बानी’ के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। मुंडारी भाषी क्षेत्रों के प्रत्येक गांव में जागरूकता बैठक आयोजित करने के साथ-साथ मुंडारी भाषा की शिक्षा के लिए विद्यालय खोलने तथा वहां कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई।
दूसरे चरण में मुंडारी भाषा और साहित्य के विकास के लिए ‘मुंडारी बानी’ लिपि में अधिक से अधिक पुस्तकों के प्रकाशन तथा साहित्य सृजन को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की गई।
वहीं तीसरे महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में मुंडारी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग को जमीनी स्तर से लेकर केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण रैलियां, जनसभाएं, धरना-प्रदर्शन तथा अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से आंदोलन चलाने का आह्वान किया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि इन सभी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए आर्थिक सहयोग आवश्यक है। आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तथा सरकारी कर्मचारियों से आगे आकर समाज की शिक्षा और भाषा के विकास के लिए सहयोग करने की अपील की गई।
आगामी सामान्य सभा एवं मिलन समारोह में मुंडा समाज के सभी छात्र-छात्राओं, युवक-युवतियों, बुद्धिजीवियों तथा समाजप्रेमी लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का अनुरोध किया गया। साथ ही मुंडारी भाषा और मुंडा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुट होने की अपील की गई।
बैठक में “शिक्षा हमारा अधिकार, एकता हमारी ताकत” के नारे के साथ मुंडा समाज की शिक्षा, भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर आगे आने का आह्वान किया गया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।