बारीपदा, 8 अक्टूबर 2026: शिक्षक का पेशा एक महान सेवा है। देश के भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अपने व्यवहार, स्नेह और समर्पण से कुछ शिक्षक छात्र-छात्राओं के दिल में विशेष स्थान बना लेते हैं। ऐसी ही शिक्षिका हैं पूर्णचंद्रपुर सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय की बंदिता पालपाबु, जिन्हें बच्चे प्यार से ‘अनु दीदी’ कहते हैं।
अनु दीदी ने करीब 13 वर्षों तक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में सेवा देते हुए पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को मातृवत स्नेह और ममता प्रदान की। उनके इसी आत्मीय व्यवहार ने उन्हें छात्र-छात्राओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।
उनके सेवानिवृत्ति समारोह के दौरान सबसे भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब शिशुवाटिका से लेकर तीसरी कक्षा तक के छोटे-छोटे बच्चे अनु दीदी से बिछड़ने के गम में फूट-फूटकर रोने लगे। बच्चों का यह भावुक दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों को नम कर गया।
विद्यालय के प्रधान शिक्षक सौम्य दास की अध्यक्षता में आयोजित विदाई समारोह में अतिरिक्त समूह शिक्षा अधिकारी सुकुमार राउत, पूर्व एबीईओ तपस्विनी दास, पूर्व प्रधान शिक्षक सोमनाथ सिंह, सीआरसीसी धनंजय साहू, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, हॉस्टल के कर्मचारी तथा अभिभावक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने अनु दीदी के कार्यों और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि विद्यालय के विकास में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद विद्यालय में एक बड़ा खालीपन महसूस होगा।
समारोह के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से अनु दीदी को भावभीनी विदाई एवं भव्य सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक गणेश बेहरा ने किया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।