डिंडौरी म प्र..बगैर बेस के कराया जा रहा काजवेकम स्टाप डेम का निर्माण हो रही है भ्रष्टाचारी।
अमृत सरोवर के तहत
कराये जा निर्माण कार्यो में मनमानी चरम पर
निर्माणाधीन काजवे स्टॉप डेम में पाईप के नीचे से हो रहा सीपेज

डिंडौरी। अमृत सरोवर योजना से भले ही स्टापडेम और चैकडेमों को प्रथक कर दिया गया है, मोटी लागत से कराये जा रहै तमाम निर्माण कार्यो की गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहै है किन्तु जिम्मेदार लापरवाही पर अंकुष लगाने की बजाय मौन धारण कर बैठें हुए है। जिला मुख्यालय के समीपी ग्राम पंचायत हिनौता में अमृत सरोवर योजना के तहत आरईएस विभाग के द्वारा लगभग 49 लाख रू. की लागत से काजवेकम स्टॉप डेम का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में उपयंत्री एवं एसडीओ की मनमानी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार चैकडेम निर्माण कार्य में निर्माण ऐजेंसी के द्वारा बगैर नींव खुदाई एवं बेस निर्माण कराये ही पाइप स्थापित कर दी गई है,जिससे कार्य के शुरूआत में ही पाईप के नीचे से पानी सीपेज हो रहा है ऐसे में जल सरंक्षण के नाम पर कराये जा रहै निर्माण के औचित्य पर सवाल खडे़ हो रहै हैं,वही जिला मुख्यालय के समीप इस तरह से गड़बड़ी किए जाने को लेकर उपयंत्री एवं एसडीओ की बैखोफ कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहै है,
जब मुख्यालय के अधिकारियो के नाक के नीचे ही कार्य को मापदंड के विपरीत कराया जा रहा है तो दूरदराज क्षेत्रो में कराये जा रहै निर्माण कार्यो की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता हैं। ग्राम पंचायत हिनौता के पोषक ग्राम जोगीटिकरिया के टॉकिन नाला का हैं,जहां पर अमृत सरोवर योजना के तहत लगभग 49 लाख रू की लागत से काजवे स्टॉप डेम निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें निर्माण ऐजेंसी के द्वारा कार्य प्रारंभ से ही मापदंडों के विपरीत कराया जा रहा है।
उपयंत्री एवं एसडीओ की मनमानी चरम पर
प्राप्त जानकारी के अनुसार लाखो रू की लागत से निर्माणाधीन काजवे स्टॉप डेम का निर्माण उपयंत्री के चहेते ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है,निर्माण कार्य प्रारंभ होते ही घटिया निर्माण कार्य जारी है और विभागीय अमला को इस संबंध में भनक तक नही लग रही है या इनके मिलीभगत से ही खेल चल रहा हैं, तकनीकी अधिकारियो के सरंक्षण के चलते ठेकेदार के द्वारा मनमाफिक कार्य करा लाखो रू का बंदरबाट किया जा रहा है।
शुरूआत से ही हो रही पानी का रिसाव
आरईएस विभाग के द्वारा काजवे स्टॉप डेम निर्माण के द्वारा बगैर बेस ढ़लाई कराये ही पाइप स्थापित कर दिया गया है,जिसके कारण पाइप के नीचे से पानी तेज गति से सीपेज हो रही है। जिम्मेदारों के संरक्षण में ठेकेदार के द्वारा पाइप जमा कर उपर से ढ़लाई किया जा रहा है।