
सकीट (एटा)। शारदीय नवरात्र के पर्व पर कस्बा सकीट में भक्ति और उत्साह का माहौल है। मंदिरों में सुबह से ही मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। घरों से लेकर मंदिरों तक मां के जयकारे गूंज रहे हैं। नवरात्र केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, आत्मविश्वास और नारी सम्मान का भी प्रतीक है।
नवरात्र के दौरान महिलाएं व्रत रखकर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर रही हैं। पूजा की तैयारियों से लेकर मंदिरों में दर्शन और धार्मिक आयोजनों तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी दिखाई दे रही है। महिलाओं का मानना है कि मां दुर्गा की आराधना से मन को शांति, जीवन में सकारात्मकता और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति मिलती है।
नवरात्र का पर्व समाज को नारी शक्ति के सम्मान और उसकी क्षमताओं को पहचानने का संदेश भी देता है। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप साहस, धैर्य, ममता और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देते हैं। कस्बे में पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है।
*महिलाओं के वर्जन*
माधुरी: नवरात्र हमारी आस्था और संस्कारों से जुड़ा पर्व है। मां दुर्गा की पूजा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिलता है। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
देता है।
सपना: मां दुर्गा नारी शक्ति और साहस का प्रतीक हैं। नवरात्र हमें सिखाता है कि महिलाएं हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकती हैं। समाज में महिलाओं का सम्मान होना चाहिए और बेटियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।