*#जोधपुर*
*पंचायती राज आम चुनाव-2026 के तहत मतदान दलों का प्रथम प्रशिक्षण सम्पन्न*
*स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव सम्पन्न कराने में मतदान कार्मिकों की महत्वपूर्ण भूमिका—जिला निर्वाचन अधिकारी*
*ईवीएम की कार्यप्रणाली एवं मतदान प्रक्रिया की दी जानकारी, पूर्ण निष्ठा से दायित्व निभाने के निर्देश*
जोधपुर, 14 अक्टूबर। पंचायती राज आम चुनाव-2026 के सफल आयोजन के लिए मतदान दलों के प्रथम चरण का प्रशिक्षण 13 एवं 14 अक्टूबर को दो पारियों में आयोजित किया गया। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, द्वितीय पुलिया, जोधपुर में आयोजित प्रशिक्षण में मतदान कार्मिकों को निर्वाचन प्रक्रिया एवं उनके दायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
*मतदान प्रक्रिया एवं ईवीएम की कार्यप्रणाली समझाई*
प्रशिक्षण के दौरान जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स ने मतदान प्रक्रिया, ईवीएम की कार्यप्रणाली, आदर्श आचार संहिता तथा मतदान दलों के दायित्वों के संबंध में जानकारी दी। कार्मिकों को ईवीएम से मतदान की सम्पूर्ण प्रक्रिया भलीभांति समझने तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में चुनाव सम्पन्न कराने के लिए अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
*निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाएं जिम्मेदारी*
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आलोक रंजन ने मतदान कार्मिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पंचायती राज चुनावों में मतदान दलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्मिकों के समर्पण भाव से ही स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराना संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्रों पर मतदान सम्पन्न कराने की महती जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं नियमानुसार किया जाए।
*निर्वाचन संबंधी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें*
श्री रंजन ने निर्देश दिए कि सभी कार्मिक निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करें तथा मतदान प्रक्रिया एवं ईवीएम संचालन से जुड़ी शंकाओं का प्रशिक्षण के दौरान ही समाधान प्राप्त करें। मतदान दल के सदस्य आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रत्येक निर्धारित प्रक्रिया की पालना सुनिश्चित करें।
उन्होंने मतदान की गोपनीयता बनाए रखने, मतदाताओं के साथ शालीन एवं निष्पक्ष व्यवहार करने तथा मतदान संबंधी अभिलेखों को सावधानीपूर्वक संधारित करने पर जोर दिया। साथ ही, किसी भी तकनीकी अथवा प्रक्रियागत समस्या की स्थिति में संबंधित सक्षम अधिकारी को तत्काल अवगत कराते हुए प्राप्त निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।