मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मोहन कैबिनेट ने जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास के लिए विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) के गठन को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कंपनी का नाम “जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड” होगा।
100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक अंशपूंजी
नई कंपनी पूरी तरह मध्यप्रदेश शासन के स्वामित्व में रहेगी। राज्य सरकार कंपनी को 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक अंशपूंजी उपलब्ध कराएगी। हालांकि यह राशि पूरे कॉरिडोर की परियोजना लागत नहीं होगी। परियोजना के लिए PPP मॉडल, बैंक वित्त, NaBFID, NIIF, विश्व बैंक, ADB, भूमि लीज और यूजर चार्ज सहित विभिन्न माध्यमों से फंडिंग जुटाई जाएगी।
मुख्यमंत्री करेंगे गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता
कॉरिडोर के विकास और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में तेजी लाने के लिए इसकी गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इससे परियोजना के क्रियान्वयन और निवेश प्रस्तावों पर तेजी से निर्णय लेने की उम्मीद है।
क्या है JBI इकोनॉमिक कॉरिडोर?
JBI कॉरिडोर प्रदेश के तीन प्रमुख आर्थिक केंद्रों—जबलपुर, भोपाल और इंदौर—को आपस में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र होगा। सरकार का उद्देश्य सड़क किनारे अनियोजित औद्योगिक गतिविधियां विकसित करने के बजाय चुनिंदा स्थानों पर आधुनिक और नियोजित “प्लग एंड प्ले” इकोनॉमिक हब विकसित करना है।
इन हब में उद्योगों के लिए जमीन, बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहले से विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही श्रमिक आवास, अस्पताल, स्कूल, कौशल विकास केंद्र और हरित क्षेत्र जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा।
पहले चरण में 10 हजार एकड़ में विकसित होंगे हब
परियोजना के प्रथम चरण में 3 से 5 प्राथमिक औद्योगिक हब विकसित किए जाने की योजना है। इसके लिए लगभग 10 हजार एकड़ क्षेत्र में विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
सरकार के अनुमान के मुताबिक मार्च 2028 तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने और करीब 1 लाख प्रत्यक्ष तथा 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
वहीं पूर्ण विकास के बाद लगभग 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश और 6 लाख से अधिक रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
JBI कॉरिडोर से जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, देवास और इंदौर सहित कई क्षेत्रों को औद्योगिक गतिविधियों का लाभ मिलने की उम्मीद है।
जबलपुर: रक्षा, एयरोस्पेस, इंजीनियरिंग, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स
नरसिंहपुर-रायसेन: फूड प्रोसेसिंग और वेयरहाउसिंग
भोपाल: आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और नॉलेज सर्विसेज
सीहोर-देवास: फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग
इंदौर: एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और इंदौर-देवास-पीथमपुर औद्योगिक इकोसिस्टम से जुड़ाव
MPIDC का काम जारी रहेगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि JBI कॉरिडोर के लिए नई कंपनी के गठन के बावजूद MPIDC प्रदेश में अपने मौजूदा औद्योगिक विकास कार्य जारी रखेगा।