डीएम गौरांग राठी ने जूस सेंटरों की जांच और सरकारी अस्पतालों के आसपास मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण के दिए निर्देश
झांसी। जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने, जूस सेंटरों की जांच करने और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में जूस सेंटरों पर रंग मिलाकर असुरक्षित जूस बेचे जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अभियान चलाकर सभी जूस सेंटरों की जांच की जाए। कटे-फटे एवं सड़े-गले फल-सब्जियों तथा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खुले में सड़े-गले फलों की बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुकानदारों और विशेष रूप से स्ट्रीट वेंडरों को जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित किया जाए। जागरूकता के बाद भी मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और कैंटीनों में परोसे जाने वाले भोजन की नियमित जांच करने के भी निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभागीय समन्वय के साथ खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर सुधारात्मक एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जाए।
10 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित
औषधियों की गुणवत्ता की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षक राहुल को सरकारी अस्पतालों के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच करने और नकली दवाओं की बिक्री रोकने के निर्देश दिए। औषधि निरीक्षक ने बताया कि जनपद में 17 दुकानों की जांच कर नोटिस जारी किए गए हैं तथा 10 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। एक मेडिकल स्टोर में नकली दवा मिलने के मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
तीन माह में 2,380 सैंपल टेस्ट, 28 हजार से अधिक लोग जागरूक
सहायक आयुक्त खाद्य एवं अभिहित अधिकारी पवन कुमार ने विभागीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि एक जुलाई से 30 सितंबर तक 2,380 सैंपल टेस्ट किए गए। इस दौरान 77 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 28,318 लोगों को जागरूक किया गया, जबकि 76 खाद्य कारोबारकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 1,982 कारोबारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने बताया कि डोम-24 के माध्यम से खाद्य प्रतिष्ठानों में तेलों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही फूड सेफ्टी मोबाइल लैब वैन के जरिए खाद्य सामग्री की जांच और जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
बैठक में यह भी बताया गया कि दुकानों पर ग्राहक संतुष्टि फीडबैक स्टीकर लगाए जाने की तैयारी है, जिसके माध्यम से ग्राहक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 18001805533 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, बुंदेलखंड व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय पटवारी, दिलीप अग्रवाल सहित अन्य प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, क्षेत्राधिकारी पुलिस रामवीर सिंह, राज्य कर विभाग से सचेत शुक्ला, जिला विद्यालय निरीक्षक रती वर्मा, डीएसओ सौम्या अग्रवाल, मत्स्य विभाग की सीईओ दीपमाला तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।