बालोद: गोल्डन ऑवर में मिला इलाज, पीएम-राहत योजना से विश्वराज की बची जान
बालोद: गोल्डन ऑवर में मिला इलाज, पीएम-राहत योजना से विश्वराज की बची जान
बालोद, 18 अक्टूबर 2026। सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में मिलने वाला उपचार घायल की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है। बालोद जिले के ग्राम करहीभदर निवासी विश्वराज ठाकुर को सड़क हादसे के बाद समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें बिना अग्रिम भुगतान के तत्काल उपचार मिला। शासन की पीएम-राहत योजना के तहत मिले इस कैशलेस इलाज से उन्हें बड़ी राहत मिली।
विश्वराज ठाकुर के मुताबिक, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर वे दोपहिया वाहन से बालोद की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम पाकुरभाट के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वे बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों ने डायल 112 को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की आपातकालीन टीम उन्हें गोल्डन ऑवर के भीतर जिला अस्पताल बालोद लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया।
विश्वराज ने बताया कि अस्पताल में उनसे या उनके परिजनों से अग्रिम राशि नहीं मांगी गई। पीएम-राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों के उपचार का खर्च वहन करने की व्यवस्था की गई है, जिससे आर्थिक कारणों से इलाज में देरी की आशंका कम होती है।
डिजिटल व्यवस्था से उपचार में तेजी
योजना के तहत पुलिस की इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डीएआर) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) के डिजिटल समन्वय से संबंधित जानकारी साझा करने की व्यवस्था है। इससे उपचार प्रक्रिया में कागजी औपचारिकताओं को कम करने में मदद मिलती है। सड़क दुर्घटना के मामलों में घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
विश्वराज ने कहा कि सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले राहगीरों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि लोग बिना किसी झिझक के पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने के लिए आगे आएं। उन्होंने युवाओं से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
हादसे के बाद समय पर उपचार और आर्थिक बोझ से राहत मिलने पर विश्वराज ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।

