“बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
***जिले में मनरेगा को लेकर के बाड़ा खेल*
फर्जीवाड़े का काला सच सामने आया**
शक्लोन एप से फर्जी फोटो अपलोड कर बनायी जा रही मजदूरों की हाजिरी, बिहार में मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा!
बिहार के मोतीहारी में मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. NMMS क्लोन से फर्जी हाजिरी का खेल चल रहा था.
बिहार के मोतिहारी में सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है. ढाका प्रखंड की ग्राम पंचायत करमावा में एनएमएमएस यानी नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम क्लोन के जरिए मजदूरों की फर्जी उपस्थिति बनाने का आरोप लगा है. जांच के दौरान योजना स्थल पर एक भी मजदूर काम करते नहीं मिला, जबकि मोबाइल ऐप पर लगातार मजदूरों की हाजिरी बनाई जा रही थी. मामले में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. वहीं, एक आरोपी लालबाबू पासवान पुलिस कस्टडी में है.
बिना मजदूरों के बन रही थी हाजिरी
दरअसल, 18 अक्टूबर 2026 को सिकरहना के अनुमंडल पदाधिकारी ने ढाका प्रखंड के करमावा ग्राम पंचायत में संचालित वीबी-जी राम जी योजना के तहत चल रहे दो निर्माण कार्यों की जांच की. इनमें करमावा गांव में नए पंचायत भवन के प्रांगण में मिट्टी भराई और पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य तथा बहलोलपुर गांव में बिनोद राम के घर से थागा प्रसाद के घर तक नाला और पीसीसी निर्माण कार्य शामिल हैं.
जांच के दौरान अधिकारियों को योजना स्थल पर एक भी मजदूर काम करते हुए नहीं मिला, लेकिन एनएमएमएस ऐप पर मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही थी. इससे फर्जी हाजिरी बनाकर सरकारी राशि के भुगतान में गड़बड़ी किए जाने की आशंका सामने आई.
दो योजनाओं में फर्जी उपस्थिति का आरोप
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पहली योजना में 11 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन 133 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही थी. वहीं, दूसरी योजना में 15 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन 48 मजदूरों की हाजिरी बनाई जा रही थी.
NMMS क्लोन से फर्जी हाजिरी का खेल!
अधिकारियों के अनुसार, ऐप पर कथित तौर पर फर्जी तरीके से फोटो अपलोड कर मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही थी. इस मामले में एनएमएमएस क्लोन के इस्तेमाल से फर्जी हाजिरी बनाकर भुगतान किए जाने की आशंका जताई गई है.
मेट समेत तीन लोगों पर प्राथमिकी
ग्राम पंचायत करमावा में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए रूपमाला देवी मेट के रूप में पंजीकृत हैं. जांच में सामने आया कि उनके नाम से पंजीकृत मोबाइल नंबर का इस्तेमाल लालबाबू पासवान कर रहे थे. जांच रिपोर्ट में रूपमाला देवी और लालबाबू पासवान की संलिप्तता सामने आने की बात कही गई है. वहीं, इस मामले में मो. रिजवान का नाम भी शामिल है.
अनुमंडल पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यक्रम पदाधिकारी, ढाका ने रूपमाला देवी, लालबाबू पासवान और मो. रिजवान के खिलाफ ढाका थाना कांड संख्या 540/26, दिनांक 19 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है.
सरकारी कर्मियों पर भी होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अनुसंधान के दौरान यदि किसी सरकारी कर्मचारी, पदाधिकारी या तकनीकी पदाधिकारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों, कनीय अभियंताओं और पंचायत रोजगार सेवकों को एनएमएमएस के तहत दर्ज की जा रही मजदूरों की उपस्थिति की नियमित जांच करने का निर्देश दिया गया है.
“एनएमएमएस क्लोन के माध्यम से फर्जी उपस्थिति बनाने की अनियमितता सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस अनुसंधान में यदि किसी सरकारी कर्मी, पदाधिकारी या तकनीकी पदाधिकारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.”-प्रदीप कुमार, उप विकास आयुक्त
प्रशासन से आग्रह
प्रत्येक पंचायत में इसकी जांच पूर्ण रूप से की जाए
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित कर्मियों और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी. देखना होगा कि पुलिस जांच में इस कथित फर्जीवाड़े के तार कहां तक जुड़ते हैं और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी के इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है. प्रत्येक पंचायत स्तर पर इसकी जांच होनी जरूरी है यह खेल हर एक पंचायत में खेला जा रहा है।
रिपोर्ट;अमरजीत सिंह
