सहारनपुर
दीपावली पर बिहारीगढ़ क्षेत्र के बाजारों में मिठाइयों की चमक तो बढ़ गई है, लेकिन इसके पीछे मिलावट का काला खेल भी खुलकर चल रहा है। आरोप है कि कई दुकानों पर नकली खोया, सिंथेटिक रंग और घटिया घी से तैयार मिठाइयां धड़ल्ले से बेची जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहार आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन खाद्य विभाग की जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है। दुकानों पर दिखावे के लिए छापा मारा जाता है और फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है।
लोगों का गंभीर आरोप है कि जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। सैंपल लेने की खबर तो आती है, लेकिन रिपोर्ट कभी सामने नहीं आती। इसी ढील का फायदा उठाकर मिलावटखोरों के हौसले बढ़े हुए हैं।
सवाल यह है कि अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ गई तो जिम्मेदार कौन होगा? क्या विभाग तब जागेगा जब कोई बड़ी घटना हो जाएगी?
लोगों ने मांग की है कि बिहारीगढ़ क्षेत्र में दीपावली तक रोजाना सख्त जांच हो, दुकानों के नाम के साथ सैंपल रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और मिलावट मिलने पर दुकान सील कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
त्योहार खुशियों का है, लेकिन मिलावटी मिठाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना है कि प्रशासन इस बार दिखावा करेगा या सच में कार्रवाई।
खबर सूत्रों के हवाले से खुलासा -पता चला है कि मिठाई कारोबारियों ने अपने घरों में ही मिठाई का भारी स्टॉक लगवा रखा है, ताकि खाद्य विभाग की नजर से बचा जा सके।
रमेश सैनी सहारनपुर
