राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ से भी एक ऐसी ही अच्छी खबर सामने आई है, जहां एक पुलिसकर्मी की सूझबूझ और समय पर की गई मदद से एक परिवार की खुशियां सुरक्षित रहीं।
दरअसल, सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के भिलकुआ गांव की रहने वाली तोला पारगी, पत्नी बाबूलाल पारगी, प्रसव पीड़ा से परेशान थीं। वह सज्जनगढ़ चौराहे पर दर्द से तड़प रही थीं। उनके साथ उनके पति और एक अन्य महिला भी मौजूद थी।
इसी दौरान सज्जनगढ़ थाने की सरकारी जीप वहां पहुंची। जीप में कांस्टेबल महेश पाटीदार अकेले ड्राइवर के रूप में मौजूद थे।
जब महेश पाटीदार ने महिला की हालत देखी, तो उन्होंने बिना देर किए उसकी मदद करने का फैसला किया।
बताया जा रहा है कि 108 एम्बुलेंस डूंगरा से आने वाली थी और उसे पहुंचने में समय लग सकता था। ऐसे में महेश पाटीदार ने तुरंत सरकारी पुलिस जीप से महिला को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।
लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक ऐसी घटना हुई, जिसने इस सफर को यादगार बना दिया।
पुलिस की उसी सरकारी जीप में महिला ने एक नन्ही बच्ची को जन्म दे दिया।
जी हां, सज्जनगढ़ थाने की सरकारी जीप में नन्ही बच्ची की किलकारी गूंज उठी।
इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी CHC सज्जनगढ़ पहुंचाया गया। राहत की बात यह है कि दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
सोचिए, एक तरफ परिवार मुश्किल समय से गुजर रहा था और दूसरी तरफ कांस्टेबल महेश पाटीदार ने बिना देर किए मदद के लिए कदम बढ़ाया।
यह सिर्फ एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी नहीं, बल्कि इंसानियत और जिम्मेदारी की मिसाल है।
अक्सर पुलिस से जुड़ी नकारात्मक खबरें चर्चा में रहती हैं, लेकिन ऐसे अच्छे काम भी लोगों तक पहुंचने चाहिए, ताकि ईमानदारी और इंसानियत से अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़े।
आज सज्जनगढ़ थाने की जीप में एक नन्ही लक्ष्मी का आगमन हुआ और कांस्टेबल महेश पाटीदार ने अपने काम से खाकी वर्दी का मान बढ़ाया।
हमारी तरफ से सज्जनगढ़ थाना पुलिस और कांस्टेबल महेश पाटीदार को दिल से सलाम। मुस्तफा बाँसवाड़ा से
