रिपोर्टर पं तरुण जोशी
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की पार्थिव शरीर जैसे ही उनके गृह गांव नर्मदापुरम जिले के आंखमऊ में पहुंचा तो पूरा इलाका गमगीन हो गया. ‘शरद यादव अमर रहें’ के नारे गूंजते रहे. शरद यादव का पार्थिव शरीर दोपहर सवा तीन बजे नर्मदापुरम के माखननगर में स्थित उनके पैतृक गांव आंखमऊ पहुंचा था. जैसे ही पार्थिव शरीर पहुंचा तो अपने प्रिय नेता का इंतजार कर रहे लोगों का सब्र जवाब दे गया. कई लोग जोर-जोर से रोने लगे. आंखमऊ में आज हर आंख नम दिखी. शरद यादव की पार्थिव शरीर को पहले कुछ देर के लिए पुश्तैनी मकान में रखा गया. यहां इलाके लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. शरद यादव को अंतिम विदाई देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रह्लाद पटेल और कांग्रेस सुरेश पचौरी कांग्रेस रामेश्वर निखरा सांसद राव उदय प्रताप सिंह सुहागपुर विधायक विजयपाल सिंह हर्षित गुरु समेत बड़ी संख्या में लोग आंखमऊ पहुंचे थे वही शरद यादव को विदाई राजकीय सम्मान के साथ दी. शाम 4.45 बजे उनके बेटे शांतनु व बेटी सुभांगिनी ने मुखाग्नि दी. इससे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.यादव की अंत्येष्टि उनके ही बगीचे में हुई. आपको बताते चले शरद यादव जी का बचपन ग्राम आंखमऊ में बीता है और प्रारंभिक पढ़ाई भी उनकी गांव में ही रह कर हुई, उन्हें गांव से बेहद लगाव था उनके परीजनो से जब उनकी बात होती थी तो वह अक्सर कहा करते थे कि जब वह जीवन त्यागें तो उनका अंतिम संस्कार गांव के घर के पास वाले बगीचे में ही किया जाए उनकी अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए आजम का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया गया|