122 सालों से चल रही एतिहासिक रामलीला में भगवान राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघ्न की भव्य बारात माधवगंज से प्रारंभ हुई जो शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए रामलीला मेला परिसर पहुंची। बता दें कि विदिशा में चल रही एतिहासिक रामलीला का गजट नोटिफिकेशन भी होता है। यहां तक कि शिव बारात और राम बरात के निकलने की रूट भी पहले से तय किए जाते हैं। कल शाम जब माधवगंज से बारात प्रारंभ हुई तो जगह-जगह पर दूल्हा बने भगवान राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघ्न की जगह जगह आरती उतारने के साथ पूजा अर्चना की गई। करीब 3 किलोमीटर का सफर 7 घंटे में देर रात जाकर पूरा हुआ। 2 सालों के दौरान कोरोना के चलते रामलीला का तो आयोजन हुआ लेकिन दर्शकों को परिसर में आने की अनुमति नहीं थी। इसबार कोई प्रतिबंध ना होने से भव्यता बहुत भव्य रुप से है