जबेरा दमोह स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव-गांव को ओडीएफ (प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण कराने के लिए शासन के द्वारा योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन पंचायतों में सरपंच-सचिव के अलावा जनपद पंचायत के अधिकारी कागजों में शौचालय बनाकर सरकारी राशि का बंदरबांट कर रहे हैैं। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत जबेरा की ग्राम पंचाायत डूमर में सामने आया है।यहां सरपंच-सचिव ने अधिकारियों से मिलकर हितग्राहियों की 2 करोड़ से अधिक की राशि बिना शौचालय बनाए ही निकाल ली, ग्रामीणों का आरोप है यह सब पूर्व के सरपंच सचिव और अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है सिर्फ बड़गुवा गांव में 400 हितग्राहियों के शौचालय बिना बनाए तकरीबन दो करोड़ की राशि निकाली गई है जब ग्रामीणों को जांच के नाम पर अधिकारी गुमराह करते रहे और कहीं सुनाई नहीं हुई जिसके बाद ग्रामीणों ने जबेरा विधायक को एक- ज्ञापन सौंपा वही विधायक ने शौचालय घोटाले की जांच करवाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया|
रिपोर्टर रानू जावेद खान