मऊ। जिले में सात लाख 56 हजार आयुष्मान योजना के पात्र हैं। इनमें से सात लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड बन गया है। 56 लाभार्थियों का कार्ड नहीं बना है। इनमें दस हजार कार्डधारकों ने अभी तक ई केवाईसी नहीं कराया है। इससे उनका का कार्ड अटका हुआ है। वहीं 45 हजार लाभार्थी पात्रता सूची में नाम में भिन्नता होने के कारण कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं। विभाग का दावा है आशा और आंगनबाड़ी के माध्यम से उनके क्षेत्र में ऐसे लोगों को चिह्नित कर खोजा गया है। लेकिन पात्रता सूची में नाम होने के बाद भी इन लोगों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। 23 सितंबर 2018 से आयुष्मान योजना शुरू है। आयुष्मान योजना की पात्रता सूची में सबसे पहले 2011 की बीपीएल सूची में शामिल लोग ही पात्र थे। बाद में इसमें अंत्योदय योजना, श्रम कार्ड, उज्ज्वला कार्ड, पीएम और सीएम का पत्र पाने वाले लोग भी शामिल किए गए। बीते दिनों राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की पात्र गृहस्थी राशन कार्ड पात्रता सूची में पांच से अधिक सदस्य वाले परिवार को भी पात्रता सूची में शामिल किया गया।
आयुष्मान की पात्रता सूची में नाम होने के बाद जब कार्ड बन जाता है तो उसका आधार कार्ड से लिंक कराया जाता है। जनपद में ऐसे करीब 10 हजार लोग हैं जिनका कार्ड से आधार कार्ड लिंक नहीं हो सका है।
ज़ियाउल हसन अंसारी, मण्डल ब्यूरो
वाराणसी आजमगढ़ मण्डल