जिला ब्यूरो चीफ सुहैल अहमद अंसारी
बाराबंकी आज 8 बजे से सुबह शुरू हुई मतगणना में जब से समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से गठबंधन प्रत्याशी तनुज पुनिया ने बढ़त बनाई तो धीरे-धीरे यह बढ़त लाखों में पहुंच गई, वहीं भाजपा के खेमें में काफी निराशाजनक महौल देखने को मिला, भाजपा के सारे भाषण, वादे, दावे धरे के धरे रह गये। वहीं मतगणना के अंतिम दौर में पूर्व सासंद पी0एल0 पुनिया के बेटे तनुज पुनिया ने भाजपा प्रत्याशी राजरानी रावत को 215704 से करारी शिकस्त दी। भाजपा के बड़े-बडे़ नेता जनपद में मीटिंग सभा का भी कोई असर जनता में नहीं दिखा, जनता अपने मूल मुद्दों को लेकर भाजपा के हवा हवाई दावों की हवा निकाल दी मालूम हो कि जिसमें तनुज पुनिया की मेहनत को लेकर लिख था कि लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम चुनाव से पूर्व लोगों में चर्चा थी असफलता के बाद भी मैदान में डटे रहने वाला प्रत्याशी हमारी पहली पसंद बन गया था जो इस बार जनता की आवाज बनाकर संसद भवन में जिले की समस्याओं को दूर करेगा। वर्तमान सांसद का टिकट कटने से एक बड़ा वर्ग पार्टी से अन्दर ही अन्दर नाराज चल रहा है, लेकिन पार्टी की नीतियों के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा था, वहीं लगातार बढ़ रही महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य-चिकित्सा व महंगी शिक्षा को लेकर आम मतदाता भाजपा सरकार से काफी परेशान नजर आ रहा थी, इस बार परिवर्तन चाहती थी प्राप्त जानकारी के अनुसार तनुज पुनिया को जहा 719927 वोट मिले तो वहीं भाजपा प्रत्याशी राजरानी रावत को 504223 वोट मिले। वहीं बसपा प्रत्याशी शिव कुमार दोहरे को 39177 वोट मिले। प्रत्याशी आशा देवी को 2020 वोट मिले, वहीं प्रत्याशी प्रेमचन्द्र हरिजन को 1076 मत मिले, तो महेन्द्र कुमार रावत को 1190 मतों में संतोष करना पड़ा, वहीं डाक्टर रामगुलाम राजदान को 1493 वोट, अधिवक्ता संतोष रावत को 1078 वोट मिले, प्रत्याशी ओमकार को 1138 वोट मिले। प्रत्याशी देवतादीन गौतम को 2173 मिले, तो बाबूराम को 3669 मत में सिमट कर रहे गये, प्रत्याशी मिथलेश कुमारी को 2321 वोट मिलें, जमीन से जुड़े नेता राम लखन पासी को 2928 वोट मिले तथा 8221 मत नोटा में गये। मतगणना में कुल 1290634 पड़े