जबलपुर में फर्जी डॉक्टरों की संख्या बढ़ती जा रही है जो एक बहुत ही चिंता का विषय बन रहा है जिनके पास एमबीबीएस की डिग्री नहीं है लेकिन वह एलोपैथी दवाई की प्रैक्टिस कर रहे हैं और इसके कारण बहुत सारे मरीजों के जान से खिलवाड़ कर रहे हैं इसी संदर्भ में एक मामला सामने आया जिसमें डॉक्टर फूलचंद विश्वकर्मा जिनके पास एलोपैथी से संबंधित कोई डिग्री नहीं थी लेकिन पिछले 10 वर्षों से वह लोगों का इलाज एलोपैथी दवाइयां से करते थे। हाल ही में जब एक मरीज उनसे इलाज करने पहुंचे और उनके द्वारा दिए गए दवाई से उसे मरीज की मौत हो गई जब उसे मरीज ने इस मामले के खिलाफ आवेदन किया तो यह खुलासा हुआ कि वह डॉक्टर एलोपैथी इलाज के लिए किसी भी तरह से प्रामाणिक नहीं थे। एक अनुमान से यह कहा जा रहा है की जबलपुर के विभिन्न स्थानों पर ऐसे अनेक झोलाछाप फर्जी डॉक्टर धड़ल्ले से अपनी क्लिनिक बनाकर रखे हैं। इन पर किसी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने के कारण इनका हौसला बुलंद है और जबलपुर के मरीजो की जान खतरे में है जो इन डॉक्टरों से अपना इलाज करवाते हैं। लोगों को आकृष्ट करने के लिए यह कम फीस में इलाज करते हैं जिससे आम जनता इनकी शिकार हो जाते हैं।