धीरज विश्वकर्मा
मंत्री श्री पटेल 847 स्वसहायता समूहों को 30 करोड़ से अधिक की राशि वितरित।
3 करोड़ महिलाओं को लखपति बहना बनाने का लक्ष्य।
प्रदेश के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य अतिथि ने करेली में पुरानी गल्ला मंडी में जिला स्तरीय स्वसहायता समूहों का बैंक लिंकेज कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों ने 847 स्वसहायता समूहों को 30 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया। इस दौरान बैंक लिंकेज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति नीलेश काकोड़िया, तेंदूखेड़ा विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल, गोटेगांव विधायक महेन्द्र नागेश, कलेक्टर शीतला पटले, ज़िला पंचायत सीईओ दलीप कुमार,पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष करेली सुशीला ममार व उपाध्यक्ष अनिता नेमा, सीताराम नामदेव, पूर्व नपा अध्यक्ष महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, राजेन्द्र ठाकुर, रामसनेही पाठक, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व स्वसहायता समूह की महिलायें और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि आज सौभाग्य का दिन है कि दो महापुरूषों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आव्हान है कि हमारी बहनें लखपति दीदी बनें। सरकार ने मातृशक्ति के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किये हैं। 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बहना बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर मंत्री पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन किया।
मंत्री पटेल ने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भीष्म पितामह के पास जब युधिष्ठिर पहुंचे और उनसे पूछा कि राज्य कैसे चलाया जाये। तब उन्होंने बताया कि समाज का कार्य करना होगा बिना स्वयं के हित की अपेक्षा रखते हुए। तभी तुम धर्मराज युधिष्ठिर रहोगे।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मां- बहनें परिश्रम की मिसाल है। सभी परिवार की चिंता करती हैं। परिवार के संचालन में महिलाओं का विशेष योगदान रहता है।
मंत्री श्री पटेल ने बताया कि 5 अक्टूबर को रानी दुर्गावती की 501 वीं जन्म जयंती मनाई जा रही है। उनके शौर्य एवं बलिदान को स्मरण करने के लिए कैबिनेट बैठक का आयोजन दमोह ज़िले में किया जा रहा है। वीरांगना रानी दुर्गावती ने अपनी 23 साल की उम्र में सत्ता की बागडोर संभाली और 29 साल में प्राणों को त्याग दिया। जब यह सामर्थ्य ऐसी विषम परिस्थितियों में 500 बरस पहले था, तो आज की महिलाओं में क्यों नहीं हो।
लोकमाता अहिल्याबाई की 300 जन्म जयंती है। राजमाता अहिल्याबाई समता व न्याय की प्रतिमूर्ति थी। उन्होंने राज्य की बागडोर संभाली और लोककल्याणकारी राज्य की मिसाल पेश की। इन महान नायिकाओं ने बताया कि हमें मातृशक्ति के सामर्थ्य पर कभी संदेह नहीं करना चाहिये।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि महिलायें समूह से जुड़कर अपने हित में कार्य करें। आपके पास हुनर है। समूहों को पैसा व तकनीक देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने का कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने किया।मंत्री पटेल ने कहा कि स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की ब्रांडिंग व्यापक स्तर पर हो। ब्रांडिंग से आपके उत्पादों को पहचान मिलेगी। बैंकों से लोन लेकर उन्हें चुकाने का काम स्वसहायता समूह बखूबी कर रही हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में स्वसहायता समूह की महिलायें हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत तीसरी अर्थव्यवस्था मातृशक्ति की बदौलत ही बनेगा। देश को मजबूत करने का काम स्वसहायता समूह की महिलाओं ने मिलकर किया है।
मंत्री श्री पटेल ने बताया कि नारी शक्ति अभिनंदन की शुरूआत भी की जा रही है। माताओं व बहनों को सुरक्षा कवच दिया जा रहा है। वह न सिर्फ़ पूंजी जुटाने का कार्य कर रही हैं बल्कि समाज को सशक्त नेतृत्व देने का कार्य भी कर रही हैं।
मंत्री पटेल ने कहा कि समाज की अगुवाई कर लोकतंत्र को सशक्त करें। उन्होंने कहा कि स्वावलम्बन की अनूठी मिसाल हैं, स्वसहायता समूह की महिलायें। महिलायें बच्चों को संस्कार व संस्कृति देने का कार्य कर रही हैं।
विधायक पटेल ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की मंशा है कि महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण हो। प्रदेश सरकार भी महिलाओं के हितों को ध्यान में रखकर पूरा सहयोग कर रही है। सरकार महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने का कार्य कर रही है। महिलाओं की अधिकांश आबादी गांवों में निवास करती है। केन्द्र व राज्य सरकार नागरिकों के हित को ध्यान में रखकर अनेक योजनायें संचालित कर रही है। पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान योजना, किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाओं का लाभ मिला है। इसके अलावा सरकार स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बना रही है।