सहारनपुर: नगर निगम सहारनपुर द्वारा शुक्रवार को बजट बोर्ड बैठक आयोजित हुई। जिसमें पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने कहा कि पूर्ण निरीक्षक बजट जुलाई के आंकड़ों में बनाया गया है जो की सितंबर के आंकड़ों में बनाया जाना था यह पुनरीक्षित बजट जुलाई के आंकड़ों पर तैयार किया गया है जो कि सिर्फ वर्ष के चार माह का है जिसमें टैक्स विभाग की वसूली दिखाई कुछ गई है और बाद में वसूली को घटा दिया गया है तो किस आधार पर पहले वसूली बढ़ाकर दिखाई गई और बाद में घटाकर दिखाई गई जबकि 40000 और नए भवन हाउस टैक्स में जोड़ दिए गए हैं तो वसूली कम क्यों हुई इस बात पर पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने टैक्स विभाग की सी टी ओ को अपने कार्य में लापरवाही बरतने का जिम्मेदार ठहराया जन मंच के बजट खर्चे में 30 लाख रुपए का डीजल खर्च दिखाया गया। टिंकू ने कहा जबकि 06.01. 2025 तक जनमंच की कुल आमदनी 315000 रु हुई है इस पैसे का दुरुपयोग किए जाने की संभावना है यह जांच का विषय है टिंकू अरोड़ा ने कहा कि ज्यादातर बजट अधिकारियों को लाभान्वित करने वाला है जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए बजट नहीं बनाया गया।बजट में पशुवध शाला से कम आमदनी होने पर टिंकू अरोड़ा ने कहा एनजीटी द्वारा पशु वधशाला पर रोक लगाई गई है जिसके पीछे एक बड़े व्यापारी का हाथ है जबकि पशु वधशाला से नगर निगम को हर वर्ष 2.5 से 3 करोड रुपए की सालाना आय हैं और पशु वधशाला बंद होने से कितने ही लोगों को महंगा मिट खरीदना पड़ रहा है नगर निगम के अधिकारियों को एनजीटी के साथ संबंध बनाकर जल्द से जल्द पशु वधशाला को खुलवाना चाहिए जिससे सहारनपुर के नागरिकों को भी सस्ती दरों पर सामान उपलब्ध हो सके और नगर निगम सहारनपुर की आय में बढ़ोतरी हो।
रिपोर्ट रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़