नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा 23 फरवरी को रांची के प्रेस क्लब में करेगी सेमिनार का आयोजन
राज्य भर के पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग, पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे लोग, शिक्षाविद, आंदोलनकारी, बुद्धिजीवी, विपक्षी पार्टी के लोग होंगे शामिल
हजारीबाग : झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस प्रेस वार्ता में स्थानीयता, विस्थापन, जबरिया भूमि अधिग्रहण, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को लागू करने, उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण नहीं करने, हजारीबाग के बड़कागांव में पकरी बरवाडीह, चट्टी बरियातू, गोंदलपुरा बादम कोल ब्लॉक के आवंटन को रद्द करने, गैर मजूरवा जमीन को भूमि बैंक में देने के फैसले को रद्द करने, गैर मजूरवा जमीन के रुका हुआ रसीद को चालू करने को लेकर कई बिन्दुओं पर चर्चाएं की । वहीं कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर 23 फरवरी को एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन रांची के प्रेस क्लब में किया जाएगा । इसमें राज्य भर के पर्यावरणविद, शिक्षाविद, आंदोलनकारी, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग एवं पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे लोग शामिल रहेंगे । वहीं उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य का गठन हुए 25 वर्ष हो गया लेकिन दुख की बात है कि अभी तक न तो विस्थापन नीति बनी और न ही नियोजन नीति । नियोजन नीति नहीं बनने के चलते आज भी स्थानीय बेरोजगारी युवकों युवतियों की उपेक्षा हो रही है । 25 वर्ष में राज्य में भाजपा की सरकार 16 वर्ष रही लेकिन झारखंडी मूलवासी और आदिवासी के हित में एक भी काम नहीं किया । अन्य सरकार भी झारखंड के बेरोजगारों के हित में कोई काम नहीं कर रही है । लाखों की लाखों संख्या में देश के बड़े शहरों में रोजगार के लिए बेरोजगार लोग पलायन कर जाते हैं । वहीं बताया कि गोंदलपुरा बादाम के लोग अभी भी आंदोलनरत हैं ।।ग्राम सभा भी सफल नहीं हो पाया है । पर्यावरण प्रदूषण पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस को लेकर एनजीटी ने 1200 करोड़ का फाइन भी लगाया था ।कंपनी के द्वारा नदी, नाला ,तालाब भरकर 100 एकड़ से अधिक वन विभाग की जमीन से कोयला निकालने का कार्य कर रही है । इस पर एनजीटी ने 1200 करोड़ रुपए का फाइन लगाया था। कोयले की ढुलाई में कन्वेयर बैल्ट का इस्तेमाल न के बराबर किया जाता है । बाना दाग रेलवे यार्ड में 24 घंटा बरवाडीह से कोयले का ढुलाई किया जाता रहता है । 200 मीटर तक के दायरे में पेड़ पौधे , घर भी कोयले के डस्ट के कारण काला हो गए हैं । सैकड़ों की संख्या में लोग दमा व सांस के रोग से ग्रसित हो गए हैं। हजारीबाग के फॉरेस्ट विभाग के सारे पदाधिकारी हजारीबाग में ही रहते हैं परंतु किसी का कोई ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है । हमने कई बार एनजीटी को पत्र लिखा, परंतु किसी प्रकार का कोई कार्रवाई नहीं हुई ।आसपास के सारे ग्राम के ग्रामीण प्रदूषण के कारण परेशान है । समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाया जाए तो हजारों की संख्या में लोग दमा और सांस के परेशानियों की चपेट में आ जाएंगे । इस सेमिनार में तय किया जाएगा कि 24 मार्च को विधानसभा सत्र चलने के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे, जिसमें पैदल मार्च योजना में हजारीबाग, रामगढ़ एवं आस पास से लोग आएंगे । वहीं दूर के लोग बस रेलवे आदि संसाधनों से जुटेंगे । विधानसभा घेराव के दौरान 50 हजार से भी ज्यादा की संख्या में शिक्षाविद ,पर्यावरणविद, आंदोलनकारी, बुद्धिजीवी वर्ग, विपक्षी लोग शामिल रहेंगे । इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से झारखंड राज्य व्यवस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, राजद के प्रमुख नेता अर्जुन यादव, बरकट्ठा विधानसभा के निर्दलीय प्रत्याशी बटेश्वर प्रसाद मेहता खतीयानी परिवार के महासचिव मोहम्मद हकीम सीपीआई पार्टी के शंभू प्रसाद, निजाम अंसारी, का. महेंद्र राम एनुअल हक के साथ-साथ कई लोग मौजूद रहे ।