गुना ईश्वर एक है, लेकिन हमने उसे धर्मों में बांट दिया
गुना जिले के अवंतिका बाई लोधा समाज धर्मशाला, हनुमान मंदिर के पास कुसमोदा में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में एक दिवसीय विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित हुए और सत्यज्ञान की अमूल्य धारा में गोता लगाया।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से उनके प्रवचनों का प्रसारण किया, जिससे दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं तक यह दिव्य ज्ञान पहुंच सका। इस आयोजन ने एक ऐतिहासिक सत्संग का रूप ले लिया।
संत रामपाल जी महाराज ने अपने प्रवचनों में स्पष्ट किया कि ईश्वर केवल एक है, लेकिन समय के साथ मानव समाज ने उसे धर्मों में विभाजित कर दिया है। विभिन्न परंपराओं और रीति-रिवाजों ने समाज में भेदभाव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर दी है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश धर्मगुरु धार्मिक ग्रंथों का प्रमाण न देकर अपनी धारणाओं को बढ़ावा देते हैं, जिससे आध्यात्मिक अज्ञानता बढ़ती है। लेकिन वास्तव में, सभी धर्मग्रंथ उसी एक परमात्मा की ओर संकेत करते हैं।
संत रामपाल जी महाराज ने गीता, वेद, बाइबल, कुरान और गुरु ग्रंथ साहिब के प्रमाणों के आधार पर समझाया कि सच्ची भक्ति वही है जो सभी को समान दृष्टि से देखती है और समाज में प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देती है।
उनका संदेश स्पष्ट है कि “मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।” उनकी शिक्षाएं न केवल आत्मज्ञान प्रदान करती हैं, बल्कि समाज को बुरी आदतों से भी दूर करती हैं।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी शराब, नशा, दहेज, चोरी, रिश्वतखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहते हैं। सरकारें और संस्थाएं इन कुरीतियों को मिटाने के लिए वर्षों से प्रयास कर रही हैं, लेकिन संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक मार्गदर्शन से ही इन बुराइयों का वास्तविक समाधान संभव हो पाया है।
सत्य ज्ञान से आध्यात्मिक जागृति
यह सत्संग केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक जागृति है, जिसने हजारों लोगों के मन में नए विचारों को जन्म दिया। संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित “ज्ञान गंगा”, “गीता तेरा ज्ञान अमृत”, “हिंदू साहिबान नहीं समझे गीता वेद पुराण” जैसी पुस्तकों ने लोगों को सच्ची भक्ति और मोक्ष के सही मार्ग के बारे में जागरूक किया।
इस दिव्य सत्संग ने श्रद्धालुओं के हृदय में आध्यात्मिक चेतना जागृत की और उन्हें सही मार्ग की ओर प्रेरित किया।
जिला गुना से गोलू सेन की रिपोर्ट