राजगढ़ ब्यूरो चीफ संतोष गोस्वामी
कुरावर पीलूखेड़ी क्षेत्र में हमले के बचाव के बताएं गए उपाय
सायरन बजाकर लोगों को किया गया अलर्ट
औद्योगिक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित
गैस रिसाव या दुर्घटना होने पर आपदा प्रबंधन का बचाव हेतु प्रदर्शन किया
राजगढ़ : आज सुबह लगभग 09:30 बजे औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेडी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉपरेशन लिमिटेड के दौ गैस टैंकरों में टक्कर होने का प्रदर्शन किया गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि गैस टैंकर से रिसने वाली गैस आग में तब्दील हो गई। आद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे 26 लोग आग की चपेट में आ गए। उक्त घटना के संबंध में कम्पनी के मैनेजर द्वारा तत्काल कमांड सेंटर प्रभारी अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह के निर्देशन पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी नरसिंहगढ़ और एसडीओपी नरसिंहगढ़, थाना प्रभारी कुारवार और एसडीआरएफ की टीम तत्काल घटना स्थल की ओर रवाना हुई। महज पांच से दस मिनिट के भीतर एसडीआरएफ की टीम, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस तथा जिला एवं पुलिस प्रशासन की अन्य टीमें घटना स्थल पर पहुंच गई और बचाव की कार्रवाई यु़द्ध स्तर पर शुरू कर दी। कुछ ही पल में अग्निशमन दल ने गैस टैंकर से हो रहे गैस रिसाव को बंद कर आग पर काबू पाया। औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहे 26 कर्मचारी एवं मजदूरों को निकालकर पास ही ओसवाल प्लांट में बनाए गए बचाव राहत शिविर तथा कुरावर अस्पताल में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल हुए कर्मचारियों एवं मजदूरों को डाक्टर की विशेष निगाह में रखा गया। भोपाल से वरिष्ठ अधिकारी भी राहत एवं बचाव की पल-पल की जानकारी ले रहे थे।
यह पूरा दृश्य औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेडी में आयोजित औद्योगिक आपदा प्रबंधक का था। यह सीन इतना वास्तिवक था कि आसपास के नागरिक अचंभित रह गए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी नरसिंहगढ़ श्री सुशील कुमार, सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडर व ड्रील आब्जर्वर श्री आशीष रावत, डिप्टी कलेक्टर सुश्री निधि भारद्वाज, एसडीओपी, थाना प्रभारी कुरावर, डिप्टी कमांडर होमगार्ड सहित पुलिस टीम, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग तथा गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉपरेशन लिमिटेड, ऑसवाल, कोकोकोला की टीम ने इस पूरी घटना को मूर्त रूप दिया। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी रासायनिक आपदा की स्थिति में सभी संबंधित विभागों की तैयारियों एवं प्रतिक्रिया तंत्र का मूल्याकन करना था। इस अभ्यास में विभिन्न विभागों और ऐजेंसियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जिससे आपदा प्रतिक्रिया का समन्वित और प्रभावी प्रदर्शन सुनिश्चित हो सका। अभ्यास के सफल आयोजन के उपरांत एचपीसीएल के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। जिसमें अवलोकनों, कमियों और श्रेष्ठ अभ्यासों पर चर्चा की गई ताकि भविष्य में आपदा प्रक्रिया रणनीतियों को बेहतर बनाया जा सके। इस अवसर पर सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडर व ड्रील आब्जर्वर श्री आशीष रावत ने भी अपने सुझाव दिए।