विश्व पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी एवं पौधा वितरण कार्यक्रम संपन्न।
कैलाश मानसरोवर, तिब्बत की
चीन के कब्जे से मुक्ति के अभियान अंतर्गत भारत तिब्बत सहयोग मंच
जिला इकाई कटनी का आयोजन।
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कटनी //05 जून को राजेश बनवारी
जिला मंत्री भारत तिब्बत सहयोग मंच, पर्यावरण दिवस कार्यक्रम प्रभारी के संयोजन एवं भारत निर्माण निशुल्क कोचिंग के संचालक मोहन नागवानी के सहयोग से एकता परिषद के पुराने एवं विशिष्ट कार्यकर्ता निर्भयसिंह के मुख्य आतिथ्य मुख्य वक्ता गिरिराज किशोर पोद्दार, पूर्व विधायक,विशिष्ट आतिथ्य महाकौशल प्रांत मंत्री दयाशंकर कनकने,महाकौशल प्रांत समन्वयक कांत पोद्दार,महाकौशल प्रांत महिला विभाग संयोजक श्रीमती किरण पोद्दार,
शहर के वरिष्ठ साहित्यकार सतीश आनंद तथा रामदयाल गुप्ता की अध्यक्षता एवं
सुश्री मुदिता कंदेले के सफल संचालन में
भारत तिब्बत सहयोग मंच कटनी ने
के सी एस कन्या विद्यालय भवन में
भारत तिब्बत सहयोग मंच के विभिन्न पदाधिकारियों विनय कंदेले, संतोष सिंह, महामंत्री राजा हाके, युवाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह , श्री मती पूजा जैसवाल(सोनी), एस पी विश्वकर्मा, विष्णु गुप्ता, महेश जैसवाल, रमेश हल्दकार, राजकुमार खम्परिया, अंशुल बहरे, सागर ताम्रकार, पप्पू गर्ग,श्रीमती लता अग्रवाल,
गोरखपुर से आयी श्रीमती रिमझिम रूंगटा, प्रनत रूंगटा, प्रनिका रूंगटा, प्रशासनिक सेवाओं के कंपटीशन एग्जाम से संबंधित कोचिंग क्लास के पचास से अधिक छात्र छात्राओं एवं उनके शिक्षकों की उपस्थिति में पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में संगोष्ठी का दीप प्रज्ज्ववन के साथ कार्यक्रम आरंभ किया गया।
मुख्य अतिथि निर्भयसिंह ने अपने उद्बोधन में न सिर्फ प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने पर जोर दिया वरन् पानी,बिजली आदि के उत्पादन में पर्यावरण का क्षरण होता है अतः उनके उपयोग में संयम बरते। मुख्यवक्ता गिरिराज किशोर पोद्दार ने
भारत तिब्बत सहयोग मंच के मौलिक नारों चीन की सीमा चीन की दीवार
बाकी सब कब्जा है,तिब्बत की आजादी भारत की सुरक्षा है से अपने उद्बोधन का प्रारंभ करते हुए कहा कि आर एस एस के वरिष्ठ प्रचारक माननीय इंद्रेश के मार्गदर्शन में तिब्बत की आजादी एवं कैलाश मानसरोवर को चीन से मुक्त कराने के लिए
परम पावन दलाई लामा के लगातार संपर्क में रहकर विगत 26वर्षों से कार्यरत हैं हमें विश्वास है कि हम भगवान शिव की सेवा करते हुए निश्चित ही अपने उद्देश्य में शीघ्र सफल होंगे। रामदयाल गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में तिब्बत की आजादी भारत की सुरक्षा के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि तिब्बत के पठार से भारत की दो प्रमुख नदियां सतलुज एवं ब्रम्हपुत्र निकलती है ब्रम्हपुत्र पर वह विश्व का सबसे बड़ा बांध बना रहा है जिससे वह भारत को आने वाले पानी को रोक सकता है जिससे भारत में सूखे की स्थिति पैदा कर सकता है, बांध को पूरी तरह खोल कर प्रदेशों में बाढ़ की स्थिति ला सकता है।
इसका हल हमें शीघ्र खोजना होगा,
कहा कि प्रकृति पर सबका हक है,
पशु पक्षियों और जानवरों का भी इसलिए हमें संयम से उसका दोहन करना चाहिए।
पर्यावरण पर आयोजित क्विज में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किये छात्र छात्राओं को
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया।
संगोष्ठी का समापन महामंत्री राजा हाके के आभार प्रदर्शन, पौधारोपण कर संगोष्ठी का समापन हुआ।
भारत तिब्बत सहयोग मंच जिला इकाई महिला विभाग द्वारा
प्रांत संयोजक श्रीमती किरण पोद्दार के मुख्य आतिथ्य में राज्य शासन के अभियान एक पेड़ मां के नाम के अंतर्गत
उपस्थित छात्र-छात्राओं, नागरिकों को
नीम के पौधों का वितरण किया गया और
आग्रह किया गया कि इन नीम के पौधों को
वह अपनी मां की स्मृति में रोपित करें,संरक्षित करें,बड़ा करें इन पौधों के साथ अपनी सेल्फी प्रेषित करें।पेड़ बचेंगे धरती बचेगी के नारों से वातावरण गुंजायमान हुआ।।
इंडियन टीवी न्यूज़ से राजेश कुमार तिवारी के साथ राजेश साधेलिया