आखिर अब सूदखोर न कर्ज़ दे सकेंगे, न ही कर्ज़ देकर मनमाना ब्याज वसूल कर सकेंगे, अप्रैल माह 2025 से प्राइवेट फाइनेंस कम्पनियां बन्द करने के मौखिक आदेश शासन द्वारा दिये जाने के बाद प्राइवेट फाइनेन्स ने अपना बोरिया बिस्तर समेटना शुरू किया, कर्ज़ देने और लेने की जानकारी मिलने पर अब कड़ी कार्यवाही सम्भव?: सूत्र
अब ब्याज पर पैसा देने और मनमाना ब्याज वसूल करने वालो की खैर नही, ब्याज के कारण बढ़ती आत्महत्याओं को लेकर प्रदेश शासन की कड़ी कार्यवाही: सूत्र
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में बढ़ते प्राइवेट सूदखोरो ओर प्राइवेट फाइनेंस कम्पनियों के बढ़ते जाल के कारण गॉव ओर शहरों में पिछले कुछ सालों में हुई आत्महत्याओं को शासन ने गंभीरता से लेते हुए प्रदेश में प्राइवेट कर्ज़ देने वालो पर नकेल कसते हुए मौखिक आदेश देते हुए प्राइवेट कर्ज़ देने पर पाबंदी लगा दी है, हालांकि इस फरमान के बाद कुछ लोग जो जरूरतमंदों को ब्याज पर पैसा देकर मनमाना ब्याज वसूल कर कर्ज़ा लेने वालो को आर्थिक, सामाजिक के साथ मानसिक प्रताड़ना देते थे उन पर अब नकेल कस गयी है, सूत्रों की माने तो सहारनपुर जनपद में चल रही छोटी बड़ी सभी प्राइवेट फाइनेन्स कम्पनियां बन्द कर दी गयी है, अब कोई सूदखोर या प्राइवेट फाइनेन्स कम्पनी के लोग किसी व्यक्ति को प्रताड़ित नही कर सकेंगे, न ही पुलिस अथवा न्यायालय में ब्याज के पैसे के लिए जा सकेंगे। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यदि किसी प्राइवेट फाइनेंस कंपनी की जानकारी किसी को कर्ज़ देने अथवा किसी व्यक्ति द्वारा किसी पीड़ित को कर्ज दे कर ब्याज वसूल करने की बात सामने आएगी तो उस पर कड़ी कार्यवाही भी सम्भव है। इसको लेकर ऐसे व्यक्ति जो गली, मोहल्ले, बाज़ारो ओर देहात में गरीब व्यक्तियों को ब्याज पर पैसा देकर उनकी जमीन हथियाने ओर उनका मानसिक दोहन के जिम्मेदार होंगे उन पर कड़ी कार्यवाही की जा सकती है, विशेष तौर पर जनपद के कुछ सर्राफ ओर व्यक्ति जो ज़मीनों के नाम पर मोटे ब्याज वसूल कर बदमाशो की फौज पालकर ब्याज वसूल करते करते पाए जाएंगे उन पर बड़ी कार्यवाही भी हो सकती है, सूत्रों की माने तो कुछ बड़े सूदखोरों को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त होना बताया जाता है। कुछ भी है शासन द्वारा लिए गए इस निर्णय की सभी ओर प्रशंसा हो रही है।
आलोक अग्रवाल
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़