पीएम केंद्रीय विद्यालय 14, जीटीसी सुबाथू में आयोजित STEM सप्ताह (14 जुलाई से 18 जुलाई तक) के दौरान विद्यार्थियों ने अपने नवाचारों और वैज्ञानिक सोच से सबको प्रभावित किया। सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम में विज्ञान, तकनीक, अभियांत्रिकी और गणित से जुड़े कई रचनात्मक प्रयोग और गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
कार्यक्रम की शुरुआत अटल टिंकरिंग लैब (ATL) और स्कूल इनोवेशन काउंसिल (SIC) के परिचय से हुई। साथ ही बौद्धिक संपदा साक्षरता और जागरूकता हेतु कलाम कार्यक्रम (KAPILA ) योजना पर विद्यार्थियों को बताया गया कि वे कैसे अपने विचारों को पेटेंट करा सकते हैं। इसी विषय पर आधारित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया इसमें प्रथम स्थान टीम सी के साकेत नेगी, अरनव, हर्ष परिहार और अरनव शर्मा ने प्राप्त किया।
बाल वैज्ञानिकों ने अपने-अपने वैज्ञानिक विचारों के माध्यम से भविष्य को आसान एवं सत्य विकास के लिए अपनी प्रतिभागिता दर्ज की। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न विषयों पर अपने वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। वैज्ञानिक प्रदर्शनी में भोजन स्वास्थ्य और स्वच्छता, परिवहन और संचार, प्राकृतिक खेती, आपदा प्रबंधन, गणितीय मॉडलिंग और कंप्यूटेशनल थिंकिंग, अवशिष्ट प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन आदि विषयों के तहत मॉडल बनाए तथा स्वयं उनके संचालन और व्याख्या की।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित (STEM) सप्ताह का सबसे रोचक भाग रहा “एक दिन वैज्ञानिक” कार्यक्रम, जिसमें छात्रों ने खुद को अंतरिक्ष वैज्ञानिक, इंजीनियर और इनोवेटर की भूमिका में प्रस्तुत किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आधारित डॉक्युमेंट्री और अंतरिक्ष विज्ञान क्विज़ ने छात्रों में विज्ञान के प्रति नई जिज्ञासा जगाई । स्पेस क्वीज में प्रथम स्थान वैभव, उकेंद्र,समृद्धि और दिया ने प्राप्त किया।
स्टेम सप्ताह पोस्टर मेकिंग कंपटीशन के अंतर्गत प्रथम स्थान अनुष्का गुप्ता ने प्राप्त किया।
बायोडायवर्सिटी वैल्यूज एंड सस्टेनेबिलिटी डेवलपमेंट प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रथम स्थान रमन हाउस के प्रतिभागियों आयुष , शौर्य, कोमल और ध्रुव ने प्राप्त किया।
हर दिन की शुरुआत “इंडिया इन स्पेस” से जुड़े तथ्यों और वैज्ञानिक विचारों के साथ हुई। विद्यार्थियों ने “मिट्टी की सेहत” पर प्रस्तुति दी और फील्ड ऑब्ज़र्वेशन गतिविधि में भी भाग लिया।
प्राचार्या आशा चौधरी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “हर बच्चा अपने भीतर एक अनदेखा वैज्ञानिक, एक अनकहा विचार और एक अनजानी संभावना लेकर चलता है। STEM सप्ताह उस दरवाज़े की चाबी है, जो इन संभावनाओं को हकीकत में बदलता है। हमने बच्चों को सिर्फ प्रोजेक्ट बनाते नहीं देखा — हमने उन्हें उड़ते हुए देखा।”
प्राचार्या महोदया के निर्देशन में विद्यालय में आयोजित इस साप्ताहिक के दौरान सभी गतिविधियाँ दोपहर उपरांत दो कालखंडों में संपन्न की गईं। इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी अनुज, सावित्री एवं सभी अन्य संबंधित अध्यापक उपस्थित रहे।