नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
शिबू सोरेन, जिन्हें ‘दिशोम गुरु’ के नाम से भी जाना जाता है, का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे सोरेन पिछले काफी समय से बीमार थे और दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
झारखंड के मुख्यमंत्री और उनके बेटे हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि करते हुए लिखा, “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूँ।”
अस्पताल ने एक बयान में बताया कि सोरेन किडनी संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे और उन्हें डेढ़ महीने पहले स्ट्रोक भी आया था। वह पिछले एक महीने से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। डॉक्टरों की एक टीम उनके इलाज में लगी हुई थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका और सोमवार, 4 अगस्त 2025 को सुबह 8:56 बजे उनका निधन हो गया।
शिबू सोरेन के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य राजनीतिक नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। झारखंड सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान, राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। राज्य के सभी सरकारी कार्यालय भी इन तीन दिनों तक बंद रहेंगे।
शिबू सोरेन ने झारखंड के अलग राज्य के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्हें आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ने वाले एक सशक्त नेता के रूप में याद किया जाएगा। उनका निधन एक ऐसे युग का अंत है जिसने झारखंड की राजनीति और पहचान को आकार दिया।