चार दिन से ग़ायब पापड़ व्यापारी का शव टीकमगढ़ रेल लाइन किनारे क्षत विक्षित अवस्था में मिला
मचा हड़कंप,
मृतक के कपड़ों से हुई उसकी पहचान
पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा कर भेजा पोस्टमार्टम हाउस
परिजनों ने सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर गायब होने की दी थी जानकारी
आम चर्चा भारी भरकम कर्ज के चलते की आत्महत्या
ललितपुर। शहर के मुहल्ला नजाई वाजार चर्चित पापड़ व्यापारी राजीव जैन उर्फ़ सोनू की गुमशुदगी का मामला रहस्यमयी मोड़ पर पहुँच गया है। पिछले करीब चार दिन से लापता चल रहे व्यापारी का शव बुधवार की शाम हाइबे से सटे कोतवाली क्षेत्र के गाँव रोंड़ा स्थित रेलवे पुल के पास झाड़ियों में क्षत विक्षित अवस्था पड़ा मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुँचकर जाँचपड़ताल की । व्यापारी के लापता होने के बाद से उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा था। मृतक की पहचान उसके कपड़ों से हुई थी। सब मिलने के 24 घंटे बाद भी व्यापारी की मौत की गुत्थी सुलझा नहीं पाई है।
व्यापारी की मौत क्यों ओर कैसे हुई यदि उसने आत्महत्या की है तो इसके पीछे कारण क्या रहा। यदि लोगों की दबी जुबान की माने ने तो व्यापारी के ऊपर भारी भरकम कर्ज का बोझ था जिसको लेकर वह परेशान चल रहा था।
शहर के नजाई बाजार स्थित जयसवाल बाड़ा निवासी 38 वर्षीय राजीव जैन पापड़ और गल्ले का कारोबार करते थे और पिछले 12 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हुए थे। सोमवार रात लगभग 9 बजे उन्होंने अपने बड़े भाई राजेश जैन से फोन पर बातचीत की थी, और बताया था कि वे रेलवे स्टेशन पर हैं तथा शीघ्र घर पहुँच रहे हैं। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और देर रात तक घर नहीं लौटे। कई बार फोन लगाने के बाद जब फोन स्विच ऑफ आया, तो चिंतित परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट सदर थाने में दर्ज कराई। खोजबीन के दौरान पुलिस को राजीव जैन की स्कूटी झांसी हाईवे पर स्थित रेलवे पुल के पास खड़ी मिली थी और वहीं रेलवे ट्रैक पर उनकी टोपी भी बरामद हुई थी, इससे मामला और पेचीदा हो गया। पुलिस ने जीआरपी की मदद से रेलवे लाइन पर गहन तलाशी अभियान चलाया। इस तलाशी अभियान के दौरान टीकमगढ़ रेलवे लाइन पर बने पुल के पास झाड़ियों में एक शव बरामद हुआ। कपड़ों और पहचान के आधार पर परिजनों ने शव की शिनाख्त राजीव जैन के रूप में की। व्यापारी का शव मिलते ही परिवार और व्यापारिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया और साक्ष्य एकत्र किए। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मृतक के सब मिलने के 24 घंटे बाद का समय बीतने तक पुलिस के हाथ खाली थे पुलिस को इस बात की जानकारी नहीं हो सकी थी कि व्यापारी की हत्या हुई है या उसने आत्महत्या की है इसके बाद यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि यदि आत्महत्या की है तो उसके पीछे कारण क्या रहा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है और व्यापारी से जुड़े हुए लोगों से पूछताछ कर मौत के कारणों को जानने का प्रयास कर रही है। हालांकी कुछ लोग जब-जबी जुबान में पता रहे हैं कि मृतक पर भारी भर काम कर्ज था जिसको लेकर वह परेशान था, हालांकि स्पष्ट रूप से किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की।