मातौल गांव में तिरपाल के सहारे अंतिम संस्कार करने को मजबूर ग्रामीण, जिम्मेदार नहीं दे रहे इस ओर ध्यान
जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
समाचार – टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत मातौल में मुक्तिधाम की सुविधा न होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में पिछले 75 साल से श्मशान भूमि नहीं बनी है।ताजा मामला 87 वर्षीय रामस्वरूप तिवारी के अंतिम संस्कार का है। शनिवार को उनका निधन हो गया था। रविवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया। पिछले 24 घंटों से जारी रिमझिम बारिश के कारण परिजनों और ग्रामीणों को अंतिम संस्कार में काफी परेशानी हुई। बारिश से बचने के लिए चिता के ऊपर पन्नी लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा।लोग बोले- आज तक नहीं बना मुक्तिधाम गांव के लाखन सिंह ने बताया कि उन्होंने बचपन से आज तक गांव में मुक्तिधाम नहीं देखा। इस दौरान कई लोग सरपंच बने, लेकिन किसी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मुक्तिधाम बनाने की मांग की है।जनपद पंचायत सीईओ मनीष शेंडे का कहना है कि मामले की जांच करवाता हूं। अभी तक गांव में मुक्तिधाम क्यों नहीं बना। इस बारे में सरपंच सचिव से पूछताछ की जाएगी। जल्द ही, गांव में मुक्ति धाम का निर्माण कराया जाएगा