दुद्धी सोनभद्र।न्याय के मंदिर में ठगी और छल करने वालों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। दुद्धी बार एसोसिएशन एवं सिविल बार एसोसिएशन, दुद्धी ने संयुक्त रूप से अपने सभी अधिकृत अधिवक्ताओं और वादकारियों को सचेत करते हुए कचहरी परिसर में सक्रिय फर्जी वकीलों के खिलाफ चेतावनी जारी की है। दोनों बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले कुछ समय से यह शिकायत लगातार मिल रही थी कि कचहरी परिसर में कुछ अनाधिकृत लोग ब्लैक कोट और काला सदरी पहनकर स्वयं को अधिवक्ता बताते हैं। ये लोग न केवल वादकारियों को बरगलाकर उनकी मेहनत की कमाई हड़प लेते हैं, बल्कि कभी-कभी अदालतों में अधिकारियों व कर्मचारियों के समक्ष भी अधिवक्ता के रूप में प्रस्तुत हो जाते हैं। इस कारण न्यायालय और समाज में अधिवक्ताओं की गरिमा को ठेस पहुँच रही है। संघ ने साफ किया है कि न्यायालय से जुड़ी किसी भी वाद-परिपत्र की पैरवी का अधिकार केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को है जिनके पास सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (सीओपी) है। बिना अधिकृत प्रमाणपत्र के किसी भी व्यक्ति का अधिवक्ता के रूप में पेश आना न केवल गैर-कानूनी बल्कि दंडनीय अपराध है। दुद्धी बार एसोसिएशन एवं सिविल बार एसोसिएशन ने अपने-अपने सदस्यों से अपेक्षा की है कि यदि कचहरी परिसर में इस तरह के किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति की जानकारी मिले तो तत्काल इसकी सूचना संघ के पदाधिकारियों को दें। ताकि ऐसे फर्जी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और अधिवक्ता पेशे की गरिमा सुरक्षित रह सके। इस संयुक्त सूचना में वादकारियों से भी अपील की गई है कि वे अपने मुकदमे के लिए अधिवक्ता चुनते समय यह सुनिश्चित करें कि उनके अधिवक्ता के पास सीओपी हो। इससे धोखाधड़ी से बचा जा सकेगा और उन्हें न्याय प्राप्ति की सही प्रक्रिया मिलेगी। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कचहरी परिसर न्याय मिलने की जगह है, यहाँ ठगी व छल की कोई गुंजाइश नहीं हो सकती। यदि कोई व्यक्ति अधिवक्ता का रूप धरकर लोगों को गुमराह करता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र, तहसील रिपोर्टर दुद्धी, विवेक सिंह