जनपद के कालपी क्षेत्र के ग्राम बिनौरा वैध में 31 वर्ष पुराने दोहरे हत्या कांड के मामले में बसपा के पूर्व विधायक छोटे सिंह चौहान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने गुरुवार को फैसला सुनाया। सजा सुनाए जाने के बाद न्यायालय से बाहर निकले छोटे सिंह ने हाथ हिलाते हुए अपने समर्थकों का अभिवादन किया। पूर्व विधायक ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। 30 मई 1994 को चुर्खी थाना के ग्राम बिनौरा वैध में सगे भाईयों रामकुमार व जगदीश शरण की हत्या कर दी गयी थी। 1994 में प्रधानी चुनाव की रंजिश में हुई दो हत्याओं के आरोप में छोटे सिंह चौहान भी आरोपी बनाए गए थे। कोर्ट में पेश नहीं होने पर सोमवार को उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया था। गुरुवार को छोटे सिंह वकील के भेष में पुलिस को चकमा देकर कोर्ट पहुंचे और सरेंडर कर दिया। छोटे सिंह 2007-2012 तक बसपा के टिकट पर कालपी विधानसभा सीट से विधायक रहे और 2022 में भाजपा में शामिल हुए। पूर्व विधायक छोटे सिहं चौहान को सजा सुनाए जाने से पहले बुधवार को उन्होंने अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें राजनीतिक षड्यंत्र में फंसाया जा रहा है। उन्होंने लिखा कि इस प्रकरण में उनकी किसी भी प्रकार की संलिप्तता नहीं थी। छोटे सिंह चौहान ने अपने समर्थकों से कोर्ट में समर्थन के लिए आने की अपील की थी। पूर्व विधायक के मामले में निर्णय के दौरान 14 थाने की पुलिस रही मौजूद रही। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ईसी एक्ट कोर्ट में सजा सुनाने से पहले कोर्ट के बाहर 14 थानों की पुलिस फोर्स तैनात थी। योजना थी कि छोटे सिंह चौहान को सरेंडर करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया जाए। लेकिन छोटे सिंह ने वकील के भेष में सुबह 10:15 बजे सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर कोर्ट में प्रवेश किया। न्यायालय ने 31 वर्ष पुराने मामले में सुनाया फैसला। गुरुवार सुबह 11 बजे कोर्ट की सुनवाई शुरू हुई। छोटे सिंह के अधिवक्ता राजेश चतुर्वेदी ने अपना पक्ष रखा और सजा कम से कम देने की अपील की। दोपहर 12:30 बजे कोर्ट ने फैसला सुनाया। जस्टिस भारतेंदु सिंह की बेंच ने छोटे सिंह चौहान को 302 के तहत उम्रकैद, 307 के तहत 4 साल और 148 की धारा के तहत 2 साल की सजा सुनाई। न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय जायेगें। कोर्ट के बाहर छोटे सिंह ने प्रतिक्रिया दी। कोर्ट का फैसला सुनते ही छोटे सिंह के चेहरे पर मायूसी देखी गई। इसके बाद वे पुलिस कस्टडी में कोर्ट रूम से बाहर हाथ हिलाते हुए निकले और कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। कोर्ट के बाहर उनके समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे। सजा का ऐलान होते ही पूर्व विधायक के परिवार वालों के आंखों में आंसू आ गये। इस दौरान जिला न्यायालय में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे प्रशासन और पुलिस ने सुबह से ही न्यायालय में कमान संभाल रखी थी।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश