ओबीसी आरक्षण खतरे में, ‘जीआर’ रद्द करने की मांग; तहसीदारों के माध्यम से मुख्यमंत्री को निवेदन
आमगाव: आमगाव के पोवार, कलार , कुनबी समाज ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठा समाज को ‘ओबीसी’ श्रेणी में पूर्ण आरक्षण देने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। समाज का कहना है कि 2 सितंबर, 2025 को सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला ओबीसी समाज के साथ अन्याय है। इस फैसले से ओबीसी समाज के शिक्षा, नौकरी और राजनीतिक आरक्षण पर खतरा मंडरा रहा है, इसका आरोप लगाते हुए समाज ने इस जीआर को तत्काल रद्द करने की मांग की है।
इस मांग को लेकर माँ गडकालिका पोवार समाज संगठन ने 18 सितंबर को आमगाँव के तहसीलदारों के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक निवेदन भेजा है। निवेदन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर इस अन्यायपूर्ण सरकारी फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो पूरा ओबीसी समाज सड़कों पर उतरेगा और इस फैसले का कड़ा विरोध करेगा।
संगठन ने सरकार से अपील की है कि ओबीसी समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय न हो, इसका ध्यान रखा जाए। पोवार समाज और अन्य ओबीसी संगठनों ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक माहौल और गरमाने की संभावना है।
तामेश्वर पंधरे जिल्हा ब्यूरो चीफ गोंदिया