समाधि पर फूल चढ़ाने से अच्छा है संघर्ष के दिनों में साथ दे
सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष
नन्दगोपाल पाण्डेय ब्यूरोचीफ सोनभद्र
राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे मां कुण्डवासिनि कुंडरी में दर्जन करने के बाद पंडित सुरेंद्र कुमार तिवारी जी के आवास पर उपस्थित सवर्ण समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जो सवर्ण समाज है वह दिन प्रतिदिन पतन की तरफ जा रहा है पता नहीं किस इगो में सोए हुए हैं पता नहीं किस वर्चस्व में खोए हुए हैं हम लोग पर अपने लिए ध्यान नहीं दे पा रहे हैं बहुत ही दुखद दुर्भाग्य पूर्ण है,हम लोग बहुत मेहनत करते हैं हम लोग दिन रात मेहनत कर रहे हैं हमे भी समाज का सपोर्ट भी मिलना चाहिए आप लोगों से निवेदन करते हैं कि हमे सपोर्ट करे सहयोग करे और हम सवर्ण समाज को लड़ाई को आगे बढ़ा सके,आज सोशल मीडिया पर दहाड़ कर बोलते हैं और जितनी भी बाते बोलते हैं तर्क संगत होती है,मेरे पीछे टाइटल चौबे लगा है मै सवर्ण समाज से आता हूं इसलिए कोई भी दलित वर्ग का व्यक्ति अभद्र टिप्पणी कर सकता है,अभद्र भाषा बोलेगा मेरे कार्य का विरोध कर सकता है अगर वह स्वतंत्र चिंतन करेगा तो जो उसे लगेगा को चौबे जातिवादी नहीं हु चौबे तथ्य पूर्ण तर्क संगत बात करते हैं कभी आवेश में बात नहीं करते है मुझे परिस्थितियां हरा नहीं सकती भगवान हमे हरा सकते हैं जो व्यक्ति ईमानदारी से समाज का काम करता है उसका साथ भगवान देता है हम सवर्ण को जोड़ने जगाने का काम कर रहे हैं, आने वाली पीढ़ी के भविष्य को बचाना होगा, सवर्ण बच्चे बेरोजगारी के कारण कुंठा से ग्रसित हो रहे हैं नशे की प्रवित्र बढ़ रही है, बच्चियां लव जिहाद का शिकार हो रही हैं इन सभी का मुख्य कारण जातिगत आरक्षण,जाती के नाम पर दी जा रही सुविधाएं है एससीएसटी एक्ट एक ऐसा कानून फर्जी बेगुनाह लोग जेल जा रहे हैं हजारों सवर्ण लोक लाज के कारण या समझौते के नाम पर धन उगाही के वजह से आत्महत्या कर रहे हैं,सवर्ण समाज के लिए समर्पित भाव से निस्वार्थ हो कर संघर्ष कर रहे हैं आप सभी लोग समाधि पर फूल चढ़ाने से अच्छा है संघर्ष के दिनों में साथ दे ,आरक्षण जाती को नहीं व्यक्ति को मिलना चाहिए जिस तरह से योग्यता का हनन होकर जाती के नाम पर आरक्षण दिया जा रहा है विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती है