नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग।
जनजातीय गांवों के विकास के लिए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ की शुरुआत
हजारीबाग: आदि कर्मयोगी अभियान और ‘आदि सेवा पर्व’ के बारे में जानकारी देने के लिए 2 अक्टूबर को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर उप विकास आयुक्त इश्तियाक अहमद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की नमिता कौशिक भी मौजूद थीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप विकास आयुक्त ने बताया कि भारत सरकार का जनजातीय मामलों का मंत्रालय पूरे देश में आदि कर्मयोगी अभियान चला रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय बहुल्य गांवों को 2030 तक विकसित करना है। इसके लिए देशभर में ऐसे एक लाख गांवों का चयन किया गया है, जिनकी 50% से अधिक आबादी जनजातीय है। इसी क्रम में हजारीबाग जिले के 105 गांवों को भी इस अभियान के लिए चुना गया है।
क्या है अभियान का उद्देश्य?
इस अभियान के तहत चयनित गांवों के विकास के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों की व्यक्तिगत और सामुदायिक ज़रूरतों को शामिल किया गया है। इन गांवों में आदि सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जो ग्रामीणों की समस्याओं को हल करने और सरकार की विभिन्न योजनाओं को लागू करने का काम करेंगे। सभी विभागों के अधिकारी इन केंद्रों के माध्यम से गांव की ज़रूरतों को समझेंगे और आवश्यक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेंगे।
हजारीबाग जिला प्रशासन ने इस अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए ठोस पहल की है। सभी चयनित गांवों के लिए तैयार किए गए एक्शन प्लान को भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि 2 अक्टूबर को इन गांवों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर ‘विलेज एक्शन प्लान’ को मंजूरी दी गई। प्रशासन को पूरा भरोसा है कि 2030 तक इन गांवों का पूरी तरह से विकास कर लिया जाएगा।