यह डांग जिले के दावदहाड गांव में क्लस्टर-आधारित प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण आयोजित
जैविक घोल तैयार करने का अभ्यास, रसायन-मुक्त खेती पर जोर
झाकिर झंकार, आहवा : ता. 6
डांग जिले के आहवा तालुका के हनवतचोंड क्लस्टर में शामिल दावदहाड गांव में क्लस्टर-आधारित प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण का आयोजन किसान मास्टर ट्रेनर द्वारा किया गया।
इस प्रशिक्षण में किसानों को प्राकृतिक कृषि के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। विशेष रूप से जीवामृत, घन जीवामृत, बीजामृत जैसी जैविक दवाओं की तैयारी और उपयोग, फसलों के लिए उपयुक्त पद्धतियां, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक कीट नियंत्रण उपाय, तथा प्राकृतिक तरीके से पैदावार बढ़ाने के विषय पर मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को रासायनिक उर्वरकों और दवाओं के बढ़ते खर्च से राहत पाने के उपाय बताए गए। साथ ही भूमि की उत्पादकता बनाए रखने, जल-संरक्षण में प्राकृतिक पद्धति की भूमिका तथा किसान परिवार के स्वास्थ्य के लिए रसायन-मुक्त खेती की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि डांग जिले में इस प्रकार के प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण में भाग लेने वाले किसानों को जीवामृत एवं अन्य प्राकृतिक घोल तैयार करने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जा रहा है ताकि वे अपने खेतों में इन पद्धतियों को तुरंत लागू कर सकें।
क्लस्टर-आधारित प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण में डांग जिले के सभी तालुकों के किसान उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं और पारंपरिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने के लिए सकारात्मक प्रतिसाद दे रहे हैं।