अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
आमला प्रतिबंधित कोल्ड्रिफ कफ सिरप एक और मासूम की जान पर भारी पड़ गया है। आमला ब्लॉक के टीकाबर्री निवासी हर्ष पिता गोकुल यादव (3 वर्ष 8 माह) की हालत फिलहाल गंभीर है और उसे नागपुर मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार हर्ष की दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं।
जानकारी के अनुसार हर्ष ने वही कफ सिरप पिया था, जिसके सेवन से कुछ दिन पहले आमला ब्लॉक के दो बच्चों की मौत हो चुकी है। सिरप पीने के बाद बच्चे ने यूरिन और लैट्रिन करना बंद कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने उसे परासिया के डॉ. अमित ठाकुर को दिखाया। इलाज के दौरान हालत और बिगड़ने पर उसे बैतूल और फिर नागपुर रेफर किया गया।
नागपुर के मेडिकल कॉलेज में जांच के दौरान पता चला कि बच्चे की दोनों किडनियां पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। वर्तमान में बच्चा डायलिसिस और वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। परिवार के मुताबिक अब तक इलाज में करीब 4 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो रहा है।
हर्ष के चाचा श्याम यदुवंशी ने बताया कि 1 अक्टूबर को तबियत बिगड़ने पर वह परासिया के डॉ. अमित ठाकुर के पास इलाज के लिए गए थे। डॉक्टर की दी गई दवा के बाद बच्चे की तबियत और अधिक खराब हो गई। उन्होंने बताया कि “नागपुर के मोगरे हॉस्पिटैलिटी में ब्लड टेस्ट के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि हर्ष की दोनों किडनी 100 प्रतिशत डैमेज हो चुकी हैं।”
इसके बाद बच्चे को न्यू हेल्थ हॉस्पिटल, फिर लता मंगेशकर हॉस्पिटल और अंत में नागपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि हालत अत्यंत नाजुक है और उपचार पर 8 से 10 लाख रुपए तक का खर्च आ सकता है।
परिवार ने दोषी डॉक्टरों और दवा कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।